रायगढ़। बुधवार दिनाँक 26 – 02 – 2025 को महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में डॉ. गौतमसिंह पटेल ‘ सालर ‘ की 25 वीं कृति ‘ संतश्री नन्दरामजी दास ‘ को सदाशिव देवाधिदेव महादेव के श्रीचरणों में अर्पित करते हुए ‘ सत्संग आश्रम अध्यात्म मण्डली ‘ खैरझिटी के अध्यक्ष श्रीराधेश्यामजी प्रधान के करकमलों से विमोचित किया गया । डॉ. पटेल ने अपनी इस कृति को अपने पिता स्व. श्रीचैतरामजी पटेल ‘ सालर ‘ को सादर समर्पित किया है ।
श्रीनन्दरामजी पटेल मूलतः गृहस्थाश्रमी संत थे । उन्होंने अपने घराँगन मध्य एक कुटिया का निर्माण किया था । वहाँ उन्होंने श्रीहनुमानजी की एक छोटी सी मूर्ति स्थापित की थी । वे उस मूर्ति की विधिवत पूजा पाठ करते थे । वे उस मूर्ति के समक्ष प्रातः – संध्या दोनों समय ध्यान साधना करते थे । विभिन्न महोत्सव के शुभ अवसर पर वहीं उस पावन स्थल पर रात्रिकालीन रामायण , महाभारत , भागवत , गीता विषयान्तर्गत गायन , वादन , नृत्यन , उद्बोधन , प्रवचन का आयोजन किया जाता था । वे स्वयं खञ्जनी तथा मंजरा वादक , नर्तक तथा गायक भी थे ।
इसी का विस्तार स्वरूप आज भी विद्यमान है यह ‘ सत्संग आश्रम अध्यात्म मण्डली ‘ खैरझिटी । उनका धर्म और अध्यात्म के प्रति विशेष झुकाव था । वे सत्संग प्रेमी थे । मंगलवार दिनाँक 26 फरवरी 2002 के शुभ दिन निकट स्थित ग्राम – सालर , हसौद , खैरझिटी , काँदूरपाली , गोंड़ा , बनहर , दानसरा , गाँड़ापाली इत्यादि के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में इस आश्रम की स्थापना की गई । आज स्थापना दिवस के अवसर पर इस कृति का विमोचन किया गया । इस विमोचन कार्यक्रम में सर्वश्री चुनेश्वर सिंह वर्मा , कुंजराम साहू , योगेन्द्र कुमार पटेल , निरंजन प्रसाद पटेल , नैनसिंह जायसवाल , लक्ष्मीचरण सोनवानी , अर्जुन सिंह पटेल , सियाराम ।



