Face was painted with colour and intimate parts were painted with Govind, no incident happened
पुसौर / पुसौर थाना क्षेत्र के 140 ग्राम समेत मुख्यालय पुसौर में मनाये गये होली में कहीं कोई अप्रिय वारदात नहीं हुई बल्कि आपसी सौहार्द और भाई चारा के साथ इस त्यौहार को संपन्न किया गया। रात को होली जलाने से लेकर दुसरे दिन के रात तक लोगों ने अपने तय समय सारिणी अनुसार होली का पालन किया। जानकारी के अनुसार 13 मार्च की रात को प्रायः सभी ग्रामों में वहां के अलग अलग हिस्सों में होली जलाई गई वहीं पुसौर के कई वार्डो में इसका अलग अलग आयोजन किया। इसमें अग्रवाल समाज द्वारा होलीकोत्सव को लोग सराहना करते हैं चूंकि इनके होली प्रज्वलित करते समय प्रायः समुचा परिवार रहते हैं जिसका विधि विधान से ये पालन करते हैं। आम लोग साधारणतः जलाये गये होली के राख को माथे में टीका लगाकर होली खेलने निकलते हैं और अपनी अपनी विरादरी बनाकर एक दुसरे पर रग लगाते हुये होली की षुभकामनाएं देते हैं। होली के दिन अपने अपने गांव मोहल्ला में रंग खेलने के बाद कई राजनीतिक लोग अपने क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेष के वित्तमंत्री के यहां भी रंग खेलने गये जिसमें मोहित सतपथी, उमेष साव, सुरेन्द्र जेना, मनोरंजन साहू, घनष्याम पटेल, हेमंत चैधरी सहित दर्जन भर से अधिक लोग षामिल रहे। लगभग 2 से षाम 6 बजे तक डंडा नाच का कार्यक्रम रहता है जिसमें इस वर्श डंडा नाच वालों की संख्या बहुत कम रही इस संबंध में लोगों ने बताया कि डंडा नाच के लिये इस समय लोगों की रूचि इसमें नहीं है चूंकि इसके लिये बहुत समय लगता है और जिन जिन घरों अथवा स्थलों में इसका आयोजन होता है वहां से उतना नजराना नहीं मिलता। इसमें यह भी कहना है कि एक विषेश परिधान में ही डंडा नाच का आकर्शण होता है जिसे पहनने एवं व्यवस्था करने में लोग रूचि नहीं दिखा रहे हैं। पुसौर के कई अन्य गांवों में डंडा नाच का धुम रहा और वहां आकर्शण का केन्द्र बना रहा। पुसौर छोड कर प्रायः अन्य सभी ग्रामों में जहां होली का थकान मिटाने में लग गये वहीं पुसौर के जगन्नाथ मंदिर में भव्य कीर्तन का आयोजन रहा। जिसमें चांदी का एक झंडा की पुजा की जाती है और कीर्तन की जाती है इसी कडी में यहां कीर्तन गुरू राजेष थनापति के अगुवाई में वादक तरूण साव सहित अन्य गायकः बलराम महणा, नरेष मेहर, राजु मेहर, कुहरू यादव, सहदेव यादव व गानों को सस्वर दुहराने वाले पालिया लोगों के महत्वपुर्ण भूमिका से गोविंद-गोविंद-गोविद, पादु गलुछी मकरंद… उडीया भजन से गीत प्रारंभ हुआ इसके बाद उपस्थित अन्य गायकों ने क्रमषः अपनी अपनी मधुर गायकी से रंगे हुये चेहरे के साथ अपने अपने अंतरंग को भी गोविंद के नाम से रंगा। ज्ञात हो कि होली को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिये थाना प्रभारी आर के बनजारे द्वारा होली षांति समिति का आयोजन किया था जिसके प्रेरणा से षायद समुचे थाना क्षेत्र में षांतिमय वातावरण में होली संपन्न हुआ। इस संबंध में बनजारे ने कहा कि होली के बीच पेट््रोलिंग की व्यवस्था रखी गई थी और समुचे होली में कहीं कोई अप्रिय वारदात नहीं हुई।



