ACB-EOW raids on CPI leader Manish Kunjam’s premises Political conspiracy CPI
बीजापुर – (सीपीआई) के वरिष्ठ नेता एवं बस्तर के चर्चित आदिवासी नेता कामरेड मनीष कुंजाम के निवास एवं अन्य ठिकानों पर 10 अप्रैल 2025 को एसीबी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त कार्रवाई के खिलाफ सीपीआई जिला कमेटी बीजापुर ने विरोध जताया है। सीपीआई जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने इस छापेमारी को भाजपा सरकार की “फासीवादी सोच” और “राजनीतिक बदले की भावना” से प्रेरित बताया है।
कमलेश झाड़ी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा“भाजपा की आरएसएस समर्थित सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर आदिवासी नेताओं को डराने, दबाने और बदनाम करने की साजिश रच रही है। कामरेड मनीष कुंजाम वर्षों से बस्तर की अस्मिता, जल-जंगल-ज़मीन और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं। उनका यह जनपक्षीय आंदोलन बहुराष्ट्रीय कंपनियों और लुटेरी नीतियों के खिलाफ रहा है, जिसने बार-बार सत्ता और पूंजी दोनों के हितों को चुनौती दी है।
कमेटी के अनुसार, छापेमारी के दौरान कोई आपत्तिजनक वस्तु या दस्तावेज नहीं मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पूरी कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित थी। सीपीआई ने आरोप लगाया कि मनीष कुंजाम को खरीदने और डराने की कोशिशें पहले भी की गईं, लेकिन वे हमेशा अपने विचारों और सिद्धांतों पर अडिग रहे।
“फासीवादी कार्रवाई नहीं चलेगी”
सीपीआई ने छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ही आदिवासी समाज को निशाना बना रही है। पार्टी ने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की भी मांग की है।
कमेटी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने दमनकारी नीतियों को नहीं रोका तो सीपीआई आने वाले दिनों में बस्तर संभाग में मनीष कुंजाम के नेतृत्व में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी।
“बस्तर की लड़ाई केवल कम्युनिस्टों ने लड़ी है, और हम यह लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे,” कमलेश झाड़ी ने कहा ।



