पुसौर
षरीर जबाब दे रहा कि तुम अब थम जा थम जा,
पर हौसले राम की रही जो कहता चलते जा चलते जा।
बस अब राम भक्त आदिवासी पदयात्री अयोध्या पहंुचने ही वाला है।
कथित तौर पर एक दो आदिवासी नेताओं द्वारा आदिवासियों को हिन्दु नहीं होना बताया गया इस तर्क पर कई बार ऐसे तर्क भी सामने आये हैं जिसमें आदिवासियों के हिन्दु नहीं होने की बात कही गई है लगता है इनके जबाब में ग्राम तडोला विकास खंड पुसौर मुकेष सिदार ने सनातन धर्म के प्रति चिर परिचित प्राचीन आस्था को अनुषरण किया है। गौरतलब है कि पुसौर का यह आदिवासी युवक भगवान राम के प्रति अगाध श्रद्धा प्रकट करने और संपुर्ण समाज को एक महति संदेष देने पुसौर से अयोध्या के लिये 1 जनवरी को रवाना हुआ वहीं इन पंक्तियों के लिखे जाने तक मुकेष सिदार पिता घनष्याम सिदार अपने मंजिल अयोध्या से महज 70 किलोमीटर दूर है। बहरहाल ग्राम तडोला सहित पुसौर तहसील के राम भक्तों ने समय पर यात्रा पुर्ण होने की षुभकामनाएं दी है। हालांकि यात्रा के दौरान उसे कई कठिनाईयों का सामना करना पडा वहीं स्वास्थ्य खराब होने के कारण कहीं यात्रा स्थगित भी करनी पडी बावजुद इसके उसने हौसला नहीं खोया है।



