Saw the work going on in the Adarsh Sabji Mandi being built in Patelpali, gave instructions to complete the construction work expeditiously
शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के निरीक्षण में पहुंचे कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी
डीपीआरसी परिसर में बन रहे दीदी सदन के निर्माण कार्य का लिया जायजा
रायगढ़ / कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मौके पर सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव उपस्थित रहे। कलेक्टर चतुर्वेदी ने पटेल पाली में निर्माणाधीन आदर्श सब्जी मंडी और डीपीआरसी सेंटर में बन रहे दीदी सदन का जायजा लिया।
आदर्श सब्जी मंडी पहुंचकर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने यहां चल रहे निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ले आउट प्लान के हिसाब से अब तक हुए निर्माण कार्यों के बारे में निर्माण एजेंसी से पूछा। बताया गया कि परिसर में शेड निर्माण के साथ उसमें स्टैंप कंक्रीट किया गया है। परिसर के अलग- अलग हिस्सों में कार्ययोजना के अनुसार निर्माण कार्य चल रहे हैं। इसमें प्रवेश द्वार के करीब बैंक के लिए भवन निर्माण चल रहा है। इसके बाजू में धरमकांटा का निर्माण किया जा रहा है। वहीं परिसर में शेड निर्माण जारी है। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा ये दोनों महत्वपूर्ण होते है, इसे ध्यान में रखते हुए काम करें। उन्होंने इस गर्मियों के मौसम में अधिक से अधिक काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ हो परिसर में प्लास्टिक को डिस्पोज करने के लिए कुछ स्थायी व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिससे प्लास्टिक को रिसाइकल किया जा सके। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण किया और वहां चल रहे कार्यों को देखा। परिसर में पूर्व से निर्मित कृषक विश्राम गृह और दुकानों के रेनोवेशन के संबंध में चर्चा की जिससे ये भी उपयोगी स्वरूप में आएं।
इस अवसर पर एसडीएम रायगढ़ श्री प्रवीण तिवारी, ईआरईएस श्री हेमसिंह राठिया, तहसीलदार श्री शिवकुमार डनसेना, एडिशनल सीईओ श्री नीलाराम पटेल, श्री महेश पटेल, उप संचालक कृषि श्री अनिल वर्मा उपस्थित रहे।

डीपीआरसी परिसर में बन रहे दीदी सदन का लिया जायजा
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने जिला पंचायत एवं रिसोर्स ट्रेनिंग सेंटर परिसर में स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए तैयार किए जा रहे दीदी सदन का भी अवलोकन किया। यहां निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने दीदी सदन में महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके लिए स्व-सहायता समूह की दीदियों से चर्चा कर उनसे भी सुझाव लेने और उसे बेस्ट प्रैक्टिस के साथ क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। परिसर में उन्होंने कैंटीन की भी व्यवस्था के निर्देश दिए।




