मस्तूरी। आज पूरे मस्तूरी क्षेत्र में छेरछरा लोकपर्व की धूम देखने को मिली। इस पर्व की सबसे खास बात यह है कि इस दिन बच्चे घर-घर जाकर अन्न की मांग करते हैं। आज पूरे क्षेत्र में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बच्चों की टोलियां उत्साह के साथ छेरछेरा पर्व को मनाते हुए घर-घर पहुंचकर अन्न दान लेने पंहुचे।
ऐसा कहा जाता है कि जो भी दान किया जाता है वह महादान होता है। इसका सुखद फल भी प्राप्त होता है। यह पर्व हिंदी महीने के पौष माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। छत्तीसगढ़ की लोक पारंपरिक त्यौहार छेरछेरा की क्षेत्र में काफी धूम थी।आज सुबह से ही छेरछेरा मांगने छोटे बच्चों की टोली घर-घर पहुंच रही थी और छेरछेरा मांग रहेथे।
छोटे बच्चो नेअनूठी मिसाल कायम की कहा छेरछेरा में मिले अन्न दान के पैसे को हम अयोध्या के श्री राम मंदिर में दान करेंगे।
मस्तूरी के छोटे छोटे बच्चो ने समूह बनाकर घर घर अन्न का दान मांग रहे थे समूह के बच्चो ने एकता पूर्वक विचार कर कहा की अन्न के दान को हम लोग बेचकर अयोधा के श्री राम मंदिर में दान करेंगे। जिसमे प्रमुख रूप से समर, कान्हा ,जय श्री , वान्या, परी, बजरंगी,शिवम,आदि, अदिति, तथा छोटे छोटे बच्चे शामिल थे।



