Consumers in Chhattisgarh are becoming self-reliant through rooftop solar system, getting great relief from electricity bills
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना बनी रजनीकांत के लिए वरदान
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना ने प्रदेश के आम नागरिकों को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर खुद बिजली पैदा करने की सुविधा दी है, जिससे न केवल पर्यावरण को फायदा हो रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से लाभ पहुंच रहा है। घरों में रूफटॉप सोलन सिस्टम लगाए जाने से बिजली बिल शुन्य हो रहा है, इससे उपभोक्ता बिजली के लिए आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।
सरकार से मिल रही है सब्सिडी
इसी योजना से लाभान्वित हुए हैं जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगर निवासी श्री रजनीकांत राठौर। उन्होंने अपने मकान की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाया है, जिसकी कुल लागत 1.80 लाख रुपए रही। इसमें उन्हें सरकार की ओर से 78 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। श्री राठौर ने बताया कि पहले उनका बिजली बिल काफी ज्यादा आता था, लेकिन अब बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। उन्होंने इस योजना को आमजन के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाली और पर्यावरण हितैषी बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत राज्य के पात्र उपभोक्ताओं को 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जा रही है। योजनांतर्गत 0 से 105 यूनिट मासिक खपत के लिए 1 से 2 किलोवाट सोलर प्लांट पर 30 हजार से 60 हजार रुपए तक अनुदान, 150 से 300 यूनिट मासिक खपत के लिए 2 से 3 किलोवाट सोलर प्लांट पर 60 हजार से 78 हजार रुपए तक अनुदान, औसत मासिक विद्युत खपत 300 से अधिक यूनिट के लिए 3 किलो वॉट से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट क्षमता हेतु 78 हजार रूपए तक का अनुदान का प्रावधान है।
इस योजना ने छत्तीसगढ़ में न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है, बल्कि लाखों घरों को आर्थिक रूप से सशक्त करने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। श्री रजनीकांत की तरह प्रदेश के अनेक परिवार अब अपने बिजली बिल से पूरी तरह मुक्ति पा चुके हैं।



