The protest for water was averted due to the immediate solution by the Tehsildar
पुसौर / 2019 से अब तक 33 लाख टैक्स देने के बाद भी हाउसिंग वासियों को नहीं मिला कोई मुलभुत सुविधा, सफाई कर्मी सफाई के नाम पर वहां जाकर कहीं किनारे सोते हैं और सफाई के नाम पर मांगते हैं पैसा, टैंकर से मिले पानी सुविधा अपर्याप्त, वह भी समय पर नहीं मिलता, कई बार आवेदन के बाद भी मांग पुरी नहीं होने पर बैठे धरने में। वार्ड पार्शद व पुर्व नगर अध्यक्ष किषोर कसेर भी पहुंचे धरना स्थल।
छ.ग.गृहनिर्माण विभाग बोर्ड रायगढ द्वारा कुछ साल पहले पुसौर के इंद्रप्रस्थ स्टेडियम के पास हाउसिंग कालोनी निर्मित की गई और उसे विभाग द्वारा सर्वसुविधा युक्त मकान का हवाला देकर बेची गई जिसे तात्कालीन जरूरतमंद लोगों ने झांसे में आकर लिया और जब निवास करने लगे तो यहां नहीं पानी की सुविधा मिली और नहीं साफ सफाई का। वहीं विभाग द्वारा बनाये गये सेप्टींग टेंक सभी मकानों का एक ही होने से टेंक का गंदा पानी व मल्मा बरसात के दिनों में बाहर तैरता मिलता है और लाईटिंग का भी अभाव बना हुआ है। इस तथ्य के मद्देनजर कालोनीवासियों द्वारा कई बार कलेक्टर जन दर्षन के साथ कई उच्चाधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं और कई बार नगर पंचायत कार्यालय पुसौर में भी उक्ताषय का आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं इसके बावजुद भी किसी तरह का सुविधा नहीं मिलने से 5 जुन गुरूवार के सुबह 10 बजे से नगर पंचायत कार्यालय भवन के पास धरना प्रदर्षन प्रारंभ किये जिसमें कालोनी के महिलायें व बच्चे भी षामिल रहे। प्रदर्षन के बीच उक्त वार्ड क्रमांक 15 के पार्शद एवं पुर्व नगर अध्यक्ष किषोर कसेर एवं नगर उपाध्यक्ष उमेष साव भी उपस्थित रहे जो उक्त मांग को जायज ठहराया और उन्हें संबल दिया। प्रदर्षनकारियों ने बताया कि गर्मी के सिजन में कालोनी में पानी का अभाव रहा। विकल्प के तौर पर नगर पंचायत द्वारा कभी कभी टेंकर का पानी मुहैया किया जाता था इसके अतिरिक्त किसी भी तरह के मुलभुत सुविधा को लेकर कोई स्थाई हल नहीं निकाले गये जिसके लिये धरना देना पड रहा है। धरना स्थल पर तहसीलदार नेहा उपाध्याय, नायब तहसीलदार पंकज मिश्रा व थाना प्रभारी रामकिंकर यादव एवं अन्य सुरक्षा टीम मौजुद रहे। तहसीलदार नेहा उपाध्याय के समक्ष धरना में षामिल महिलायें स्वयं मुखातिब होकर कहा कि हमारे यहां पानी की कील्लत षुरू से है जबकि हमारा नियमित टेक्स भी पट रहा है मौके पर उपस्थित सीएमओ एस के दुबे को तलब करते हुये तहसीलदार एव ंनायब तहसीलदार दोनों ने कहा कि तत्काल हाउसिंग कालोनी भेजकर पानी कैसे उपलब्ध कराया जा सके इसके लिये कार्यवाही करें जिसपर कुछ नगर पंचायत कर्मी वहां जाकर नदी कनेक्षन एवं पंप कनेक्षन को देखा और जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था दी। प्रदर्षनकारियों का कहना था कि ये व्यवस्था स्थाई नहीं है इसके लिये दो बोर खनन तत्काल किया जावे या कि लिखित में आष्वासन दिया जाये तब कहीं हम अपना प्रदर्षन स्थगित करेंगे। इस पर तहसीलदार नेहा उपाध्याय ने सीएमओ और प्रदर्षनकारियों के बीच संवाद कराते हुये कहा कि ये लिखित में देना संभव नहीं है लेकिन यह तय है कि आपको पानी सफाई लाईटिंग आदि के लिये दुबारा षिकायत का मौका नहीं मिलेगा। इस आष्वासन पर धरना स्थल से बच्चे महिलायें एवं पुरूश वर्ग बाहर हुये। ज्ञात हो कि हाउसिंग कालोनी में 20 एमआईजी, 80 एलआईजी, 55 ईडबलु एस मकान है जहां की कुल आबादी लगभग 600 जिन्हें क्रमषः नगर पंचायत को सालाना 3895 रू, 3622रू तथा 1800रूप्ये टेक्स देना पडता है और ये 2019 से यहां रह रहे हैं अब तक की स्थिति में यहां के रहवासी नगर पंचायत को 3289020रूप्यें अक्षरांष बत्तीस लाख नवासी हजार 20 रूप्ये टेक्स दे चुके हैं और इसके बदले में नगर पंचायत ने किसी भी प्रकार का सुविधा मुहैया नहीं किया है। यहां के रहवासी सुविधा नहीं मिलने के एवज में टेक्स कम करने की भी मांग की जिसमें सहमति नहीं दिया। उल्लेखनीय है कि आज गुरूवार के दिन धरने में बैठे महिलाओं ने नगर पंचायत एवं राजस्व विभाग के लोगों से मुखातिब होते हुये कहा कि हम आज व्रत रखते हुये पानी जैसे जरूरी मुद्दे के लिये धरने में षामिल हुये हैं ऐसे स्थिति में पानी सफाई का तत्काल निराकरण होना चाहिये।



