State government will take decision today on extending the date of paddy procurement
छत्तीसगढ़ में धान की राजनीति कितनी अहमियत रखती है यह इससे पता चलता है कि पहले धान खरीदी की समय सीमा 1 नवंबर से 31 नवंबर 2023 थी , जिसे बढ़ाकर 31 जनवरी कर दिया गया । अब एक बार फिर धान खरीदी की तारीख बाध्य जाने की खबर है। दरअसल, कुछ विपरीत मौसम और कुछ लगातार अवकाश की वजह से कुछ किसान अभी तक अपना धान बेच नहीं पाए हैं । यही वजह है कि विष्णुदेव की सरकार
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर आज शाम तक बड़ा फैसला ले सकती है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार धान खरीदी की मियाद बढ़ा सकती है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इस संबंध में आज ही शाम तक राज्य सरकार कोई आदेश जारी कर सकती है।
आपको बता दें कि इस बार 26 लाख 85 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इसमें से 23 लाख 68 हजार से ज्यादा किसान अब तक धान बेच चुके हैं। राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार 29 जनवरी की स्थिति में 133.88 लाख टन धान की खरीदी हो चुकी है। इस वर्ष धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य 135 लाख टन है। अफसरों के अनुसार राज्य में प्रतिदिन औसतन साढ़े तीन लाख टन धान की खरीदी हो रही है। इसको देखते हुए इस साल धान खरीदी की मात्रा 140 लाख टन के पार होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाए जाने की चर्चा से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है ।



