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राहवीर योजना : सड़क दुर्घटना पीड़ितों के मददगार को मिलेगा पुरस्कार

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Rahveer Yojana: Helpers of road accident victims will get reward

नगद 25 हजार सहित ट्रॉफी, प्रमाण पत्र से किए जाएंगे सम्मानित

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बिलासपुर मस्तूरी।भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रारंभ की गई ‘‘राहवीर योजना’’ अंतर्गत गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल या ट्रामा केयर सेंटर में पहुचांकर चिकित्सा उपचार हेतु पहल कर जान बचाने वाले व्यक्तियों को पुरस्कार के रूप में नगद राशि, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा। यह योजना 15वें वित्तीय चक्र के पूरा होने तक 31 मार्च 2026 तक प्रचालन में रहेगी। योजना का उद्देश्य आमजनता को आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए प्रेरित करना, निर्दाेष लोगों की जान बचाने के लिए दूसरों को प्रेरित करना है।
पुरस्कार के लिए निर्धारित पात्रता अनुसार ‘‘कोई भी व्यक्ति जो गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित व्यक्ति की तत्काल सहायता करके दुर्घटना के स्वर्णिम समय (गोल्डन ऑवर) के भीतर अस्पताल या ट्रामा केयर सेंटर में पहुंचाकर चिकित्सा सेवा प्रदान कर जान बचाई हो।’’ मोटरयान अधिनियम की धारा 2(12ए) के अनुसार गोल्डन ऑवर का अर्थ है किसी दर्दनाक चोट के बाद एक घंटे तक चलने वाली अवधि जिसके दौरान तत्काल चिकित्सा देखभाल प्रदान करके मृत्यु को रोकने की सबसे अधिक संभावना होती है।
प्रत्येक राह-वीर (नेक व्यक्ति) के लिए पुरस्कार की राशि प्रति घटना 25 हजार रूपये होगी। साथ ही इसके लिए विभिन्न प्रावधानों को शामिल किया गया है। प्रत्येक नगद पुरस्कार के साथ प्रशंसा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रत्येक मामले में पुरस्कार के अलावा, सभी योग्य राहवीर 1 नेक व्यक्तियों (जिन्हें पूरे वर्ष के दौरान सम्मानित किये गये सभी व्यक्तियों में से चुना जाएगा) के लिए 10 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार होंगे और उन्हें 1 लाख रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा।

चयन प्रक्रिया –
यदि घटना की सूचना राह-वीर (गुड सेमेरिटन) द्वारा सबसे पहले पुलिस को दी जाती है, तो डॉक्टर से विवरण सत्यापित करने के बाद पुलिस ऐसे राह-वीर (सेमेरिटन) को अधिकारिक लेटर पैड पर एक पावती देगा, जिसमें राह-वीर (गुड सेमेरिटन) का नाम, मोबाईल नंबर और पता, घटना का स्थान, दिनांक और समय तथा राह-वीर (गुड सेमेरिटन) ने पीड़ित की जान बचाने में किस तरह मदद की है आदि का उल्लेख होगा । पावती की प्रति जिला स्तर पर गठित मूल्यांकन समिति को भेजी जाएगी। संबंधित राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश के परिवहन आयुक्त द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में पीएमएमएस के माध्यम से ऑनलाईन किया जाएगा। इसके लिए प्रतिपूर्ति, MORTH द्वारा राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश के परिवहन विभाग को मासिक आधार पर प्रदान की जाएगी। प्रत्येक राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की राज्य स्तरीय निगरानी समिति 30 सितंबर तक या प्रतिवर्ष MORTH द्वारा तय की गई अवधि तक, आगे के विचार के लिए इस मंत्रालय को वार्षिक आधार पर राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों के लिए 03 सबसे योग्य प्रस्ताव नामित करेगी। एएस/जेएस (सडक सुरक्षा) की अध्यक्षता में MORTH की एक मूल्यांकन समिति, इसमें निदेशक/उप सचिव (सड़क सुरक्षा)/परिवहन, शामिल होगे। वित्तीय सलाहकार/सड़क परिवहन मंत्रालय प्रत्येक राज्य/संघ राज्य क्षेत्र से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा करेगा तथा वर्ष के सर्वश्रेष्ठ 10 राह-वीरों (सेमेरिटन) का चयन करेगा। उन्हें दिल्ली में एनआरएसएम के दौरान प्रमाण पत्र और ट्रॉफी के साथ-साथ 1,00,000/-रू. की राशि से सम्मानित किया जाएगा। राह-वीर (गुड सेमेरिटन) द्वारा स्वेच्छा से प्रदान की गई जानकारी का उपयोग केवल योजना के तहत पुरस्कार के प्रस्ताव के प्रसंस्करण के लिए किया जाएगा, कियी अन्य उदेश्य के लिए नहीं। साथ ही, राह-वीर (गुड सेमेरिटन), जो अपना विवरण प्रकट करने के इच्छुक नहीं है। उन्हें योजना के तहत सम्मानित नहीं किया जाएगा। एक व्यक्तिगत राह-वीर (गुड सेमेरिटन) को वर्ष में अधिकतम 05 बार सम्मानित किया जा सकता है। राज्य सरकार प्रिंट और सोशल मीडिया आदि विभिन्न माध्यमों से इस योजना का प्रचार-प्रसार करेगी। वित्तीय निहितार्थ, विभिन्न मान्यताओं के आधार पर तैयार किए गये है। पात्रता मानदण्ड, गंभीर दुर्घटना की परिभाषा और वित्तीय निहितार्थ की समीक्षा मंत्रालय द्वारा 02 बाद की जा सकती है !

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय MORTH द्वारा वित्तीय सहायता –

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली MORTH परिवहन आयुक्त कार्यालय का प्रारंभिक अनुदान के रूप में 25.00 लाख रूपये प्रदान करेगा। योजना के तहत किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र को पहले से जारी प्रारंभिक अनुदान की गणना करते समय समायोजित किया जाएगा। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के परिवहन विभाग को राह-वीरों (गुड सेमेरिटन) को भुगतान करने के लिए एवं इस योजना के लिए परिवहन आयुक्त द्वारा एक अलग बैंक खाता रखा जाएगा। उपायुक्त/कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट जो जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष भी मूल्यांकन समिति की सिफारिशों पर राह-वीर पुरस्कार योजना के लाभार्थी का विवरण आधार संख्या या बैंक संख्या के साथ e&DAR प्लेटफार्म पर अपलोड करेंगे और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के परिवहन आयुक्त द्वारा लाभार्थी विवरण अपलोड करने के 07 दिनों के भीतर लाभार्थी पुरस्कार विजेता को सीधे उनके बैंक खाते में पीएफएमएस के माध्यम से पुरस्कार वितरित किया जाएगा। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के परिवहन आयुक्त, परिवहन विभाग की मांग पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पहले जारी किये गये यू.सी. और उस जारी किये गय राह-वीरों (गुड सेमेरिटन) के विवरण के साथ मंत्रालय को राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। सम्मानित किये गये राह-वीर (गुड सेमेरिटन) का विवरण राज्य/संघ राज्य क्षेत्र परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारियों द्वारा द्वारा विकसित पोर्टल में दर्ज किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित करेंगे कि आवश्यक प्रतिपूर्ति के लिए इस मंत्रालय को अगली किस्त की मांग प्रस्तुत करने से पहले विवरण पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 134 ए के तहत प्रावधानित और अधिसूचना संख्या जीएसआर 594ई दिनांक 29 सितंबर, 2020 के तहत अधिसूचित गुड सेमेरिटन के नियमों के अनुसार, किसी भी राह-वीर (गुड सेमेरिटन) पर उनकी सहमति के तहत गुड बिना कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की जाएगी। उपर्युक्त नियमों सेमेरिटन/राह-वीर को प्रदान की गई सुरक्षा के किसी भी उल्लंघन के मामले में, राह-वीर/गुड सेमेरिटन संबंधित डिप्टी कमिश्नर/कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा स्थापित की जाने वाली शिकायत निवारण समिति से संपर्क करेंगे। संशोधित योजना 21 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी।

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