*विभाग का चक्कर काटने मजबूर*
*प्रमोद अवस्थी मस्तूरी*
मस्तूरी। मस्तूरी जनपद क्षेत्र के लगभग 100 से ज्यादा ग्राम रोजगार सहायकों को तीन से चार महीनों का वेतन नहीं मिलने की वजह से बेहद निराश हैं ग्राम रोजगार सहायकों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से इन लोगों को अपने स्वयं का खर्च तथा अपने घर का खर्च उठाना भी बेहद मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में तैनात ग्राम रोजगार सहायकों को 3 माह से अपने वेतन के लिए तरसना पड़ रहा है लेकिन उन्हें ऊपर से पैसा नहीं आने की बात कहकर निराश होना पड़ रहा है। ऐसे में वेतन न मिलने के चलते ग्राम रोजगार सहायकों को अपने परिवार का खर्च उठाने में भी काफी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों ने मनरेगा के क्रियान्वयन और पंचायती राज विभाग के अन्य सेवाओं को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं. कोरोना काल में भी ग्राम रोजगार सहायकों ने अपने काम से पीछे नहीं हटे शासन के निर्देश और कार्यों का ईमानदारी से कार्य कर रहे है आज वही अपने हक का वेतन पाने के लिए तरस रहे हैं।



