Agristack portal launched for online registration of farmers
उत्तर बस्तर कांकेर, 07 जुलाई 2025/ भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीयन हेतु एग्रीस्टैक नामक पोर्टल जारी किया गया है, जिसमें किसानों का ई-पंजीयन कराना अनिवार्य है। एग्रीस्टैक पर छत्तीसगढ किसान रजिस्ट्री ¼CGFR) एक डिजिटल पटल है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ में किसानों के लिए सरकारी योजनाओं तक पारदर्शी, कुशल और त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना है। CGFR पोर्टल ¼cgfr.agristack.gov.in½ के माध्यम से किसान ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि और पीएम किसान, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और राज्य सरकार की कृषि सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। कांकेर जिले में कुल पी.एम. किसान संख्या 121357 है, जिसमें 81271 किसान एक्टिव पी.एम. किसान है। जुलाई तक 60592 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है जो एक्टिव पी.एम. किसान के आधार पर 74.55 प्रतिशत तथा कुल पी.एम किसान के आधार पर 49.93 प्रतिशत किसानों के द्वारा एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराया गया है।
एग्रीस्टैक पर किसान रजिस्ट्री के लाभ –
विशिष्ट किसान पहचान पत्र आधार, भूमि रिकार्ड और बैंक विवरण को जोड़ता, सरकार योजनाओं तक आसान पहुच किसान, पी.एम. किसान, के.सी.सी., राशनकार्ड और सब्सिडी के लिए डिजिटल रूप से आवेदन कर सकते है,. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण सरकारी सब्सिडी सीधे बैंक खातों में जमा, भुईयां सी.जी के साथ एकीकरण किसान भूमि स्वामित्व का सत्यापन और अभिलेख अद्यतन करना, आगामी खरीफ वर्ष में धान उपार्जन में सुविधा हो सकता है।
पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज-. आधार कार्ड, भुइयां सी.जी. भूमि रिकार्ड (बी-1/ खसरा खतौनी), बैंक पासबुक, मोबाईल नम्बर, पासपोर्ट साईज का फोटो, एग्रीस्टैक में पंजीयन सुविधा हेतु किसान नजदीकी चॉइस सेंटर या लोकसेवा केन्द्र एवं सहकारी समितियों में सभी आवश्यक दस्तावेज के साथ जाकर पंजीयन करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में कुल 650 लोकसेवा केन्द्र एवं 70 लैम्पस में यह सुविधा उपलब्ध है। आगामी खरीफ वर्ष 2025-26 में एग्रीस्टैक में पंजीकृत किसान ही अपना धान समितियों में विक्रय कर सकेगें। इसी पोर्टल में पंजीयन के आधार पर ही छत्तीसगढ शासन द्वारा किसानों से धान की खरीदी की जायेगी। इसलिए इस पोर्टल में किसानों का पंजीयन कराना अनिवार्य है।



