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सफलता की कहानी : चिरायु योजना बनी वरदान, सृष्टि को मिला नया जीवन

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Success Story: Chirayu Yojana became a boon, Srishti got a new life

बच्ची की जन्मजात विकृति का अस्पताल में हुआ सफल ऑपरेशन

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उत्तर बस्तर कांकेर, 15 जुलाई 2025/ केन्द्र सरकार की चिरायु योजना राज्य के गरीब बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित इस योजना के माध्यम से जिले के कई बच्चे लाभान्वित हुए हैं। यह जन्मजात बीमारी को मात देने वाली योजना है। जिले के अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम हिमोड़ा निवासी श्री रविन्द्र एवं गणेश्वरी पोया की एक माह पुत्री सृष्टि पोया जिनका प्रसव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतागढ़ में 06 जून 2025 को हुआ। जन्म उपरांत ही बच्ची के कमर के ऊपर एक गुच्छानुमा रचना थी, जिसे देखकर उसके परिवारजन हताश हुए। जन्मजात विकृति से ग्रसित बच्ची (सृष्टि) की जन्म से ही गुच्छानुमा रचना को देख सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतागढ़ के चिकित्सकों व स्टाफ के द्वारा चिरायु टीम को अवगत कराया गया। जिससे न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट बीमारी की पहचान की गई।

जन्मजात न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट बीमारी की पहचान उपरांत स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उनके परिवारजनों को भरोसा दिलाया और कहा कि उसका उपचार संभव है। चिरायु टीम के द्वारा इसे उच्च संस्थान दाऊ कल्याण सिंह अस्पताल (डी.के.एस.) रायपुर में 12 जून को भर्ती कराया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतागढ़ एवं चिरायु टीम के अथक प्रयासों से बच्ची की सफलतापूर्वक ऑपरेशन विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा किया गया। वर्तमान में बच्ची पूर्ण रूप से स्वस्थ्य है। ऑपरेशन के पश्चात बच्चे का नियमित फॉलोअप किया जा रहा है, सर्जरी के उपरांत बच्ची (सृष्टि पोया) को एक नई जिन्दगी मिली और उनके माता-पिता के चेहरे पर हताशा की जगह अब मुस्कान ने ले ली है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि समय पर विकृत बीमारी की पहचान और उचित समय में रिफर करने से जीवन बचाया जा सकता है तथा सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (पीएमजेवाय) व अन्य योजनाएं ग्रामीण बच्चों के लिए जीवन रक्षा साबित हो रही है। बच्ची सृष्टि पोया को अब किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। माता-पिता के चेहरे में मुस्कान आई और उन्होंने डॉ. बी.के. रामटेके, चिरायु टीम की टीम को सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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