जांच समिति ने छात्राओं और अधीक्षक से मुलाकात कर घटना की ली जानकारी
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – भोपालपटनम स्थित कन्या छात्रावास में कक्षा 12वीं की नाबालिग आदिवासी छात्रा के गर्भवती होने के सनसनीखेज मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शनिवार को भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मंडावी के नेतृत्व में गठित कांग्रेस की नौ सदस्यीय जांच समिति ने छात्रावास का दौरा कर छात्राओं, अधीक्षक, शिक्षक, डॉक्टर एवं प्राचार्य से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
जांच उपरांत बीजापुर जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक सावित्री मंडावी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “इस पूरे मामले में भारी लापरवाही बरती गई है। छात्रा की गर्भावस्था को छुपाया गया, परिजनों को डराया-धमकाया गया और छात्रा को जबरन घर भेजने का दबाव बनाया गया। दोषियों को बचाने और मामले को दबाने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है।”
विधायक ने कहा कि “भाजपा की डबल इंजन सरकार में महिलाएं, आदिवासी, किसान, व्यापारी और युवा वर्ग सभी असुरक्षित हैं। बीजापुर जैसे आदिवासी बहुल जिले में जहां माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा के लिए प्रशासन के भरोसे भेजते हैं, वहां ऐसी घटनाएं अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय हैं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की जांच समिति को जानबूझकर पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि “अब तक इस मामले में प्रशासन ने क्या कार्रवाई की, यह स्पष्ट किया जाए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।”
इस प्रेस वार्ता में बीजापुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष लालू राठौर, दंतेवाड़ा की जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा सहित जांच समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने विधायक सावित्री मंडावी के संयोजन में नौ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। इस समिति में दंतेवाड़ा की पूर्व विधायक देवती कर्मा, प्रदेश महामंत्री नीना रावतिया, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरिता चापा, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष गीता कमल, पूर्व जनपद अध्यक्ष निर्मला मरपल्ली, नगर पंचायत अध्यक्ष रिंकी कोरम, पार्वती कश्यप और अनिता तेलम जैसी महिलाएं शामिल थीं।
भोपालपटनम दौरे के दौरान बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता एवं अन्य कांग्रेसजन भी समिति के साथ मौजूद रहे। मामला अब तूल पकड़ चुका है और पूरे जिले की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।



