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कृषि विभाग द्वारा नैनो डीएपी प्रदर्शन पद्धति का हो रहा आयोजन

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Nano DAP demonstration system is being organized by Agriculture Department

खेतों में छिड़काव कर किसानों को नैनो डीएपी उपयोग का बता रहे तरीका

Ro.No - 13672/156

रायगढ़ / कृषि विभाग द्वारा किसानों को नैनो डीएपी की प्रयोग विधि से अवगत कराने के लिए खेतों में नैनो डीएपी छिड़काव का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज रायगढ़ विकासखंड के ग्राम-बनसिया में कृषक श्री कुंजबिहारी चौधरी के धान के खेतो में नैनो डीएपी का प्रदर्शन कराया गया और किसानों उपयोग का तरीका बताया गया।
इस दौरान उप संचालक कृषि श्री अनिल वर्मा, व.कृ.वि.अ. श्री अभिषेक पटेल, ग्रा.कृ.वि.अ. श्री मनोज कुमार साव एवं दयाशंकर नायक, प्रतिनिधि इक्को कंपनी, भूपेन्द्र पाटीदार, ड्रोन पायलेट, आकाश गुप्ता, कृषक जयनाथ पटेल, ग्राम बनसियां एवं आसपास के आये कृषकगण उपस्थित रहे। वहां उपस्थित कृषकगणों से नैनो डी.ए.पी. (तरल) की उपयोगिता, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में किसानो को बताया गया तथा समस्याओं का तत्काल निराकरण हेतु संबंधितो को उप संचालक कृषि के द्वारा निर्देशित किया गया।
ये है नैनो डीएपी उपयोग की विधि

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नैनो डी.ए.पी तरल में 8 प्रतिशत नाईट्रोजन तथा 16 प्रतिशत फास्फोरस निहित है नैनो डी.ए.पी. (तरल) से बीज/जड़/ कन्द उपचार करने के बाद फसल की कांतिक अवस्थाओं पर आवश्यकता अनुसार एक/दो पर्णिय छिड़काव करने से परंपरागत डी.ए.पी. के प्रयोग में 50 मि.ली. तक की कटौती की जा सकती है। नैनो डी.ए.पी. (तरल) का प्रयोग बीजोपचार हेतु 5 मि.ली. प्रति किलो बीज 20-30 मिनट तक, जड़ो/कंदो में 50 मि.ली. मात्रा 10 लिटर पानी में घोलकर 15-20 मिनट तक डुबाकर तथा पर्णिय छिड़काव 30-35 दिन की अवस्था में 4 मि.ली.नैनो डी.ए.पी.(तरल) प्रति लीटर पानी में घोलकर वानष्पतिक/कांतिक अवस्था एवं फूल आने के समय छिड़काव कर सकते है।

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