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’सफलता का कोई विकल्प नहीं, लक्ष्य हासिल करने अभ्यर्थी शिद्दत से तैयारी में जुट जाएं’

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‘There is no alternative to success, candidates should prepare diligently to achieve their goals’

प्रदेश के युवा वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन

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उत्तर बस्तर कांकेर, 29 जुलाई 2025/ ’‘सफलता और असफलता प्रत्येक के जीवन में आती है। असफल होने से मन में नकारात्मक सोच लाने के बजाय कमियों को दूर कर उसे हथियार के रूप में इस्तेमाल करें। कामयाबी का कोई शॉर्टकट अथवा विकल्प नहीं होता, अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभ्यर्थी पूरी शिद्दत से परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं।‘‘ उक्त बातें प्रदेश के वित्त मंत्री, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक सांख्यिकी मंत्री तथा पूर्व आईएएस अधिकारी श्री ओ.पी. चौधरी ने शहर के सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में ‘मावा मोदोल‘ कोचिंग सेंटर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।

आज दोपहर को कांकेर शहर में निःशुल्क कोचिंग संस्थान ‘मावा मोदोल‘ के शुभारम्भ समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों के द्वारा किए गए सवालों के जवाब में अपने प्रशासनिक एवं राजनीतिक कैरियर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्यादातर ऐसे अभ्यर्थी सफल होते हैं, जो सुख-सुविधाओं से दूर रहकर प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को हासिल करने में जुट जाते हैं। इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे श्री गुलशन जैन, स्नेहा सिन्हा और कुलेश्वर नंदीश्वर के प्रश्नों का जवाब देते हुए केबिनेट मंत्री श्री चौधरी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि संघ लोक सेवा जैसी बड़ी परीक्षाओं के साथ-साथ सहगामी कैरियर के ऑप्शन्स भी खुले रखने चाहिए। देश में ऐसे सैकड़ों शीर्ष आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के उदाहरण हैं जो स्वयं की मेहनत को सकारात्मक दिशा देकर लक्ष्य को हासिल किया। जीवन में जैसी परिस्थितियां होती हैं, उसी के अनुरूप संघर्ष को दिशा देनी चाहिए। परिचर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने अलग-अलग उदाहरण प्रस्तुत करते हुए फर्श से अर्श को छूने वाले अधिकारियों के द्वारा तैयारी हेतु अपनाए गए तरीकों से रू-ब-रू कराते हुए कहा कि कांकेर जिले में भी प्रतिभावान विद्यार्थियों की कमी नहीं है, बशर्ते वे सही दिशा में सटीक और शिद्दत से अपने लक्ष्य को अंजाम देने जुट जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांकेर में नालंदा परिसर की भांति भविष्य में उच्च सुविधायुक्त कोचिंग संस्था विकसित की जाएगी।

इसके पहले, वित्त मंत्री श्री चौधरी ने ‘मावा मोदोल‘ कोचिंग संस्थान का शुभारंभ किया, इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया। इसी परिसर में स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी का उन्होंने अवलोकन कर वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। इसके अतिरिक्त उन्होंने विजिटर्स डायरी में मावा मोदोल पर अपनी प्रतिक्रिया अंकित करते हुए ‘‘एक्सीलेंट एफर्ट्स, ऑल दि बेस्ट‘‘ लिखा। इस अवसर पर कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रमदेव उसेंडी, राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, कांकेर नगरपालिका के अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक, धमतरी के महापौर श्री जगदीश रामू रोहरा, जिला पंचायत सदस्य सुश्री मृदुला भास्कर, श्री महेश जैन सहित कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री हरेश मण्डावी सहित अधिकारीगण उपस्थित थे।

लक्ष्य और सोच बड़ी रखें, सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें : कलेक्टर

‘मावा मोदोल‘ कोचिंग संस्थान कांकेर के शुभारम्भ अवसर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे विद्यार्थियों को टिप्स देते हुए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि कांकेर जिले में विभिन्न स्थानों पर फिजिकल सहित अन्य गतिविधियां संचालित होती हैं और अभ्यर्थी सफल भी होते हैं, लेकिन यहां के प्रतिभा सम्पन्न युवाओं को बड़ा लक्ष्य और बड़ी सोच लेकर परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए, जिससे वे बड़ी सफलता हासिल कर सकें। उन्होंने उपस्थित युवाओं को समझाइश देते हुए कहा कि कामयाबी के लिए सोशल मीडिया का उपयुक्त, न्यूनतम और सीमित उपयोग करें। साथ ही अपनी सोच को सदैव सकारात्मक और लक्ष्य को स्पष्ट रखने की दरकार पर भी जोर दिया। इस दौरान जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री हरेश मण्डावी ने मावा मोदोल के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सभी विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से तैयारी करने की बात कही। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य सुश्री मृदुला भास्कर भी मौजूद थीं।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की विशेष पहल पर कांकेर जिले के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘मावा मोदोल‘ नामक संस्थान संचालित किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में भानुप्रतापपुर में हाइटेक कोचिंग संस्थान और ई-क्लास व ई-लायब्रेरी स्थापित की गई है, जहां सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी इसका लाभ ले रहे हैं, जहां अनेक विद्यार्थी सफल भी हुए हैं। इसी तरह इसके दूसरे चरण में कांकेर शहर में पुरानी कचहरी चौक पर सेंट्रल लायब्रेरी परिसर में ‘मावा मोदोल‘ कोचिंग संस्थान का आज शुभारम्भ किया गया। उक्त संस्थान में उक्त सेंट्रल लायब्रेरी में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड, व्यावसायिक परीक्षा मण्डल भर्ती परीक्षा, शिक्षक, वन, पुलिस, आबकारी सहित विभिन्न विभागों में भर्ती परीक्षाओं का कैरियर गाइडेंस दिया जाएगा। इसके अलावा व्यक्तित्व विकास, साक्षात्कार की तैयारी, समूह चर्चा सहित विभिन्न गतिविधियों पर आधारित मार्गदर्शन विषय विशेषज्ञ द्वारा दिया जाएगा। इसके अलावा उक्त परिसर में डिस्कशन रूम, ई-क्लास सहित विभिन्न प्रकार के उपयोगी स्टडी मटेरियल्स भी मुहैया कराए जाएंगे।

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