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मध्याह्न भोजन रसोइयों को कलेक्टर दर पर वेतन देने की मांग, मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन

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Demand to pay mid day meal cooks at collector rate, memorandum submitted to Chief Minister and other high officials

बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – छत्तीसगढ़ राज्यभर के मध्याह्न भोजन रसोइयों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, वित्त मंत्री व मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रसोइयों ने मांग की कि उन्हें कलेक्टर दर पर मानदेय दिया जाए, क्योंकि वर्तमान में उन्हें केवल ₹2000 मासिक वेतन मिलता है, जो न्यूनतम मजदूरी से भी कम है।

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रसोइयों का कहना है कि वे वर्षों से सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक लगातार सेवा दे रहे हैं, लेकिन न्यायसंगत वेतन नहीं मिल रहा। उन्होंने न्यायालय के समान कार्य-समान वेतन के आदेश का हवाला देते हुए सरकार से गंभीरता से विचार करने की अपील की है।

जिला अध्यक्ष रंभा झा ने बताया कि बीजापुर जिले में 28 जुलाई 2025 से संस्कृतिक भवन परिसर के अंडरग्राउंड में 1600 महिला-पुरुष रसोइये हड़ताल पर हैं। इनमें से कई 1995 से सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले 10-15 रुपये मिलते थे, आज भी ₹2000 में परिवार चलाना मुश्किल है। उन्होंने सरकार से मोदी गारंटी के तहत 100 दिनों में 50% वेतन वृद्धि लागू करने की मांग दोहराई।

प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

1. समान कार्य के लिए उच्च न्यायालय के आदेशानुसार समान वेतन दिया जाए।

2. न्यूनतम 6 घंटे कार्य के आधार पर कलेक्टर दर पर मजदूरी प्रदान की जाए।

3. असंगठित श्रमिक से हटाकर संगठित कर्मकार के रूप में पंजीयन किया जाए।

4. मोदी गारंटी के तहत 100 दिनों में 50% वेतन वृद्धि लागू की जाए।

5. बच्चों की संख्या घटने पर रसोइयों की सेवा समाप्त करने पर रोक लगाई जाए।

इस ज्ञापन के माध्यम से रसोइयों ने सरकार को याद दिलाया कि महंगाई के इस दौर में ₹2000 में जीवन यापन असंभव है और अब वे केवल आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहते हैं। इस दौरान सभी ब्लॉकों के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में रसोइये उपस्थित रहे।

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