Innocent student Sharmila dies in Adarsh Kanya Ashram Toynar, parents say they are not aware of her illness
ग्राउंड चिंतनपल्ली से लौटकर रामचन्द्रम एरोला
बीजापुर@जिले आदिम जाति कल्याण विभाग की आदर्श कन्या आश्रम, तोयनार से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा शर्मिला कुडियम, जो चिंतनपल्ली पंचायत की रहने वाली थी, की बीमारी से मौत हो गई है।
जानकारी के मुताबिक शर्मिला 1 जुलाई 2025 से भर्ती के बाद आश्रम में रह रही थी। 30 जुलाई की रात को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई — चेहरा सूजा हुआ था और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। अगले दिन, यानि 31 जुलाई की रात 10:30 बजे, उसकी हालत और खराब हुई।
अभिभावकों को देर से दी गई जानकारी
अस्पताल ले जाने और समय पर इलाज कराने की बजाय आश्रम प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। शर्मिला के पिता नागा कुडियम को 1 अगस्त की दोपहर 1:30 बजे जानकारी दी गई, वो भी तब, जब बच्ची की हालत बहुत बिगड़ चुकी वा मौत हो गई। मां मंगली कुडियम बताती है कि शुरू में कुछ नहीं बताया गया कि उनकी बेटी बीमार है, बाद में उन्हें सूचना दी गई। हालांकि ग्राउंड जीरो शर्मिला के घर के पास बता रहा था नेटवर्क अन्य जगहों पर नहीं बताया है बड़ी वजह मानी जा सकती है।
इलाज में लापरवाही का भी लग रहा आरोप
अधीक्षिका के दी जानकारी मुताबिक परिजनों का आरोप है कि बच्ची की ब्लड जांच तो कराई गई, लेकिन डॉक्टरों ने कुछ नहीं बताया। यूरिन टेस्ट नहीं हो पाया, और इलाज में देरी हुई। आश्रम अधीक्षिका वन्दनी चापडी के मुताबिक, 30 जुलाई को मेडिकल टीम आश्रम आए थे और सभी बच्चों की जांच की गई थी। 100 सीटर आश्रम में 85 बच्चे दर्ज हैं, जिनमें से 7 बच्चों की तबीयत अब भी खराब बताई गई । पर शर्मिला कुड़ियम की ज्यादा तबीयत खराब होने से जिला चिकित्सालय बीजापुर लाया गया उनका इलाज 31 तारीख के नहीं हुआ तोयनार में उन्होंने भी बताया कि बच्ची के ब्लड 8 ग्राम बताया गया है ब्लड रिपोर्ट नहीं मिला यूरिन टेस्ट 30 तारीख के नहीं देने से नहीं हुआ पहले इलाज बात नॉर्मल बताया गया, तो हम वापस आश्रम आकर सोए अगले दिन हमने दिया यूरेन पर उसका रिपोर्ट नहीं बताया गया। 31 रात के फिर तबियत बिगड़ गया है पेट में दर्द की शिकायत मिलने पर मैं गाड़ी बुलवाई घर से उसी में जिला चिकित्सालय ले जाकर इलाज करवा रही थी इसी दौरान मौत हुई।
प्रशासनिक लापरवाही का आरोप आश्रम की अधीक्षिका और प्यून की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बताया जा रहा है कि अधीक्षिका ने हाल ही में पदभार ग्रहण किया था।
100 सीटों का आश्रम – सुरक्षा पर सवाल
यह आश्रम 100 सीटों का है, लेकिन व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं। शर्मिला की मौत ने फिर से आश्रमों की निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं
शर्मिला कुडियम के परिजनों ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय प्रशासन से भी इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।



