It is very important to make the young generation aware of the tragedy of Partition – Yashwant Jain
कांकेर। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवसव14 अगस्त के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला कांकेर द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
शहर के पुराने बस स्टैंड में जहाँ विभाजन से संबंधित चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई वही भाजपा कार्यलय कमल सदन में विभाजन की त्रासदी पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन ने की ।
कार्यक्रम में भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश लाटिया, प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन, विधायक आशाराम नेताम विशेष रूप से उपस्थित रहे ।
नवनियुक्त भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि 14 अगस्त-विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम इस विभीषिका में प्राण गंवाने वाले सभी जनों को मैं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत का विभाजन सिर्फ एक देश का विभाजन नहीं था, यह मानवीय इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी थी ।
भाईयों और बहनों, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भारत की एकता और अखंडता को कैसे चोट पहुंचाई गई, यह उसकी भी याद दिलाता है। विभाजन का दंश झेलने वाली पीढ़ी ने जो वेदना व्यक्त की है, उसे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियां कभी नहीं भूलेंगी। भारत विभाजन के दौरान लोगों का विस्थापन हुआ, लोग अपनों से बिछड़ गए। लोगों ने मजबूरी में जिस तरह पलायन किया उसकी तस्वीरों को कोई नहीं भूल सकता है।
मित्रों, यह दिवस हमें एकता और अखंडता की आवश्यकता व उसके लिए एकजुट रहने का सबक भी देता है। इतिहास में की गई गलतियों से जो देश और समाज सीख नहीं लेते हैं, उन्हें हु बड़े नुकसान उठाने पड़ते हैं।
श्री जैन ने कहा की इतिहास का यदि सही तरीके से मूल्यांकन किया जाए तो पता चलता है कि भारत का विभाजन कुछ राजनीतिक ताकतों के स्वार्थ को पूरा करने के लिए किया गया। मुस्लिम लीग से लेकर जिन्ना को खुश करने के लिए यह सबकुछ हुआ ।
जिस स्वतंत्रता के लिए हमारे हजारों-लाखों वीर सेनानियों ने प्राणों का बलिदान दिया, क्या उन्हें भारत का विभाजन स्वीकार्य होता । 15 अगस्त 1947 को एक ओर जहां देश आजादी का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का दर्द भी हमें सहना पड़ा। विभाजन के दौरान 20 लाख गैर-मुसलमान पूर्वी बंगाल, जो बाद में पूर्वी पाकिस्तान बना, वहां से निकलकर पश्चिम बंगाल आए, भारत ने मानवता के कल्याण के नाम पर सभी को अपनाया । भारत ने कभी धर्म या मजहब के नाम पर किसी से भेदभाव नहीं किया। क्योंकि हम सर्वे भवन्तु सुखिनः और वसुधैव कुटुंबकम के मंत्र को मानने वाले लोग हैं।
अंत में यही आह्वान करते हुए मैं अपनी वाणी को विराम देना चाहूंगा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहने का संदेश देता है। यह दिवस हमें राष्ट्र विरोधी तत्वों से सावधान रहने का भी संदेश देता है। विकसित और अखंड भारत का स्वप्न तभी पूरा होगा ।
नवनियुक्त भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश लाटिया ने विभाजन विभीषिका पर बोलते हुए कहा कि 1950 में 20 लाख और गैर मुस्लमान पश्चिम बंगाल आए । दस लाख मुसलमान पश्चिम बंगाल से पूर्वी पाकिस्तान चले गए। इस विभीषिका 10 लाख से अधिक लोग मारे गए हैं।
17 दिसम्बर 1947 को सिन्ध के हैदराबाद तथा 6 जनवरी 1948 को कराची में हुए भयावह दंगों ने हिंदू एवं सिख तथा अल्पसंख्यकों को काफी दंश झेलना पड़ा।
उन्होंने बताया कि कि 33,000 हिंदू महिलाओं का अपहरण कर लिया गया था। विभाजन के दौरान महिलाओं को जो पीड़ा झेलनी पड़ी, उनका अनुभव पुरुषों से बहुत अलग था।
भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन ने कहा कि यह अवसर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ जैसे राष्ट्रवादी संगठनों के द्वारा किए गए राहत कार्यों का भी याद करने का है। संघ के कार्यकर्ताओ ने विभाजन का दंश झेलने वाले लोगों के लिए राहत कार्य संचालित किया, वह दुनिया भर में प्रेरक है। संघ द्वारा संचालित राहत कैंपों में भोजन, कपड़े से लेकर रक्त दान व उपचार की व्यवस्था की जाती थी। इन राहत कैंपों में किसी व्यक्ति के साथ धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं किया गया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस सिर्फ 1947 में सक्रिय विभाजनकारी ताकतों को ही बेनकाब नहीं करता है…. आज भी ऐसे तत्व हैं… इनसे समाज को बचना होगा। देश में विभाजनकारी तत्व समय- समय पर अलग-अलग रूप लेकर सामने आते हैं।
इस अवसर पर मैं यह भी कहना चाहता हूं कि आज माओवाद, आतंकवाद, शहरी नक्सलवाद, मजहबी कट्टरता के शक्ल में जो विभाजनकारी ताकतें देश में सक्रिय हैं, उनसे भी समाज को बचना होगा ।
विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि बांग्लादेश में हिन्दुओ को प्रताड़ित किया जा रहा है । हत्याएं की जा रही है । कश्मीर से 7 लाख हिन्दू विस्थापित हुए । भारत के हिन्दुओ के पास विश्व मे और कौन सा देश है जो अराजकता पर हिन्दुओ को शरण दे। भारत मे ऐसी शक्तियाँ काम कर रही है जो भारत मे अराजकता फैलाना चाहते है । भारत के कुछ विपक्षी नेता भारत विरोधी ताकतों के साथ खड़े होते है ।
भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन ने मुस्लिम देशों में मुस्लिमो के प्रताड़ना पर बड़े बड़े ट्वीट करने वाले देश के विपक्षी नेता बंगलादेश के हिन्दुओ की हत्याओं, प्रताड़ना पर मुह बन्द कर लेते है।
संगोष्ठी का संचालन बृजेश चौहान ने व आभार दिलीप जायसवाल ने किया ।
संगोष्ठी पश्चात भारी बारिश के बीच शहर के ऊपर नीचे रोड से पुराने बस स्टैंड तक मौन जुलूस निकाला गया। ततपश्चात भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं ने पुराने बस स्टैंड में विभाजन से संबंधित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला मीडिया प्रभारी निपेन्द्र पटेल का विशेष योगदान रहा ।
इस अवसर पर छग हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष शालिनी राजपूत, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, शिशुपाल शोरी, हलधर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तारा ठाकुर, नगर पंचायत अध्यक्ष निखिल राठौर, राजीव लोचन सिंह, हीरा मरकाम, अनूप सिंह राठौर, रत्नेश सिंह, दिनेश रजक, पीयूष कश्यप, डिगेश खापर्डे, कमलेश उसेंडी, ईश्वर कावड़े, अशोक वलेचा, रवि तिवारी, अरविंद जैन, राजीव श्रीवास, राजेन्द्र गौर, छत्रपताप दुग्गा, संजय सिन्हा, उत्तम जैन, गिरधर यादव, जागेश्वरी भास्कर, नारायण पोटाई , मनोज ध्रुव, विजय लखवानी, नरोत्तम चौहान, राकेश शर्मा, नीलू तिवारी, धनेंद्र ठाकुर, पीयूष वलेचा, आकाश सोनी, गिरधारी नरेटी, दीपक खटवानी , ईश्वर सिन्हा, ईश्वर नाग, संकेत नशीने, अरविंद जैन सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
निपेन्द्र पटेल



