Formation of Internal Complaints Committee is mandatory in offices having 10 or more employees
तीन वर्षों का होगा समिति का कार्यकाल
रायगढ़ / कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला अधिकारी/ कार्यालय प्रमुख का महिलाओं का कार्यस्थल पर लैगिंक उत्पीडऩ (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के क्रियान्वयन के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में कलेक्टर द्वारा सर्व विभाग/ कार्यालय प्रमुख को, ऐसे सभी कार्यालय जहां 10 या 10 से अधिक अधिकारी/ कर्मचारी है वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन करने हेतु निर्देशित किया गया तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को शासन द्वारा प्रेषित प्रारूप अनुसार जिन विभागों से जानकारी प्राप्त नहीं हुआ है तत्काल भेजे जाने के निर्देश दिया गया।
प्रशिक्षण में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर.कच्छप द्वारा जानकारी दी गई कि ऐसे कार्यालय जहां 10 से अधिक अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत है वहां अधिनियम के धारा 4 के अनुसार आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना अनिवार्य है। समिति का गठन नहीं होने पर 50 हजार रूपये का जुर्माना भी किया जा सकता है। समिति में महिला जो कार्यस्थल के कर्मचारियों में से वरिष्ठ स्तर के हो पीठासीन अधिकारी होगी। कर्मचारियों मेें से महिलाओं के लिए प्रतिबद्ध अथवा सामाजिक कार्य में अनुभव रहने वाली 2 सदस्य व गैर शासकीय संगठन/ संघ से 1 सदस्य होंगे। आधे से अधिक महिलाएं सदस्य हो सकते है। समिति का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा। समिति गठन पश्चात कार्यालय/ संस्थान में उनका नाम भी कार्यालय के बोर्ड/ फलेक्स में प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।



