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आकाष को मिली प्रत्याशी तय करने की जिम्मेदारी, बिहार के कैमुर के बने आब्जर्वर

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Akash got the responsibility of deciding the candidate, became the observer of Kaimur, Bihar

पुसौर / 28 जुलाई से सम्हाल रहे हैं ये दायित्व, कांग्रेस के कैपेन पटना के सदाकत आश्रम में कर रहे हैं और ले रहे महत्वपुर्ण मिटिंग, गलत तरीके से बोटर लीस्ट से काटे गये नाम की जानकारी लेकर पहुंच रहे संबंधित नागरिकों के पास, बिहार के जनकल्याण कारी रैली में कर रहे भागीदारी, टीकीटार्थियों को कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी से भेंट कराने की जिम्मेदारी भी।

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जनता के बीच बने माहोल को समझने और उन्हें मोटिवेट करने की कला प्रदेष कांग्रेस सचिव व पुर्व जिला पंचायत आकाष मिश्रा के पास कुट कुट कर भरे होने का तथ्य कांग्रेस लाबी माना जाता रहा है जिसका स्पश्ट परिदृश्य पिछले कई चुनावों में देखा गया है जो कांगे्रस संगठन को मजबुति दिलाने अपने कार्यकर्ताओं के साथ उस हद तक उन्हें जाना पडा है जिसमें उन्हें जान का जोखिम भी उठाना पडा है साथ ही वे जेल का रास्ते से बचकर निकले हैं इसके बावजुद भी कभी झुके नहीं और लगातार कांग्रेस के लिये काम करते रहे हैं। 2019 के खरसिया विधानसभा चुनाव, उनके जिला पंचायत चुनाव और बिते इनका अलग क्षेत्र में लडे जिला पंचायत चुनाव से कांग्रेस ही नहीं बल्कि रूलिंग पार्टी के लोगों ने लोहा माना चूंकि उन्हें पटखनी देने कोई कसर नहीं छोडी थी जो केवल और केवल वे अपने कार्यकर्ता और उनके स्वयं के बल पर रहा था। इस तथ्य को प्रदेष ही नहीं बल्कि राश्ट््रीय कांग्रेस नेतृत्व बखुबी जान चुकी है चूंकि इनका संपर्क कांग्रेस के षीर्श नेतृत्व से है जिसके कारण इन्हें पिछले 10 सालों से प्रदेष के साथ साथ देष के अन्य हिस्सों में कांग्रेस का धरातल में वास्तविक स्थिति जानने तथा उनके पक्ष में माहोल बनाने के लिये भेजा जाता रहा है। इसी कडी में कांग्रेस के देष के षीर्श नेतृत्व ने आकाष मिश्रा को बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव में आब्जर्वर बना के भेजा है। जानकारी के मुताविक इन्हें बिहार के कैमुर जिले के बबुआ विधानसभा में इन्हें यह कार्यभार दिया गया है जिन्हें यहां प्रत्याषी का चयन करना है। इस बडी जिम्मेदारी के संबंध में आकाष मिश्रा ने बताया कि उक्त विधानसभा का विधायक राजद पार्टी का था जो भाजपा में षामिल हो गया। राजद और कांग्रेस के गठबंधन के अनुसार उक्त विधानसभा में कांग्रेस का प्रत्याषी तय करना है जो कि चुनाव जीत सके। उक्त विधानसभा क्षेत्र के लिये कांगे्रस से 6 कैडिडेट सामने आये हैं इनमें से एक चयन करना है। इस चयन प्रक्रिया में कौन सा कैंडिडेट जीत सकता है इसके लिये आकाष मिश्रा समुचे विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख लोगों से मिल रहे हैं और संबंधित कैडिडेट को गुण दोश को जानकर पार्टी के हाईकमान तक पहुंचा रहे हैं।

28 जुलाई से आब्जर्वर बने आकाष मिश्रा बिहार के सदाकत आश्रम में टिकीटार्थीयों से मिल रहे हैं और संबंधित क्षेत्र में जाकर उनके संबंध में इनके द्वारा जानकारी ली जा रही है कि ये जीत सकते हैं या नहीं। इसी बीच कांग्रेस द्वारा बिहार में चलाई जा रही माई बहन मान योजना, घर घर अधिकरी योजना, अधिकार वाल पेंटींग, पुनरीक्षण में गलत तरीके से काटे गए नाम वाले नागरिकों की सुपर्क सुची के रैली में ये षामिल हो रहे हैं और यथा स्थिति में को कांग्रेस के षीर्श नेतृत्व को अवगत करा रहे हैं। इनके व्यक्तिगत सुझबुझ और उदबोधन आदि से वहां के लोग बहुत प्रभावित है जिसके कारण कैमुर जिला के जिलाध्यक्ष राधेष्याम कुषुहा और उसके प्रतिनिधि मंडल द्वारा इनकी खुब पुछ परख की जा रही है वहीं वहां के पुलिस प्रषासन प्रोटेक्षन में इनका बिहार आना जाना हो रहा है। बिहार के कुल 243 सीट में राजद और कांग्रेस का गठबंधन है जिसमें आकाष को बडी जिम्मेदारी मिली है इसके लिये प्रदेष के कांग्रेस के जनप्रतिनिधि सहित इनके चहेतों में खुषी की लहर है।

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