Home Blog *ईडी की चार्जशीट में हुआ खुलासा: बिग बॉस गैंग ने विवादित आईपीएस...

*ईडी की चार्जशीट में हुआ खुलासा: बिग बॉस गैंग ने विवादित आईपीएस की प्रसिद्ध कोरी कल्पनायो पर आधारित डायरी को बनाया अपना टूल* –

0

*अधिकारियों के ख़िलाफ़ षड्यंत्र रचने का काम करता था सिंडिकेट गैंग*

‘ *बिग बॉस ग्रुप’ ने फिल्मी कहानियाँ गढ़कर अधिकारियों को फँसाने और दुष्प्रचार की रची साज़िश*

Ro.No - 13672/156

*जनता की कमाई लूटने से लेकर अफसरों को बदनाम करने तक—‘बिग बॉस सिंडिकेट’ की काली करतूतें आई सामने – शराब, कोयला, सट्टा कुछ नहीं छोड़ा इस सिंडिकेट ने
फिल्मी स्क्रिप्ट, मनगढ़ंत कहानियां थीं दुष्प्रचार का हथियार*

*छत्तीसगढ़ की रिपोर्ट*
छत्तीसगढ़/ईडी की ताज़ा चार्जशीट में सनसनीख़ेज़ खुलासा हुआ है। इसमें जो चैट्स के स्क्रीनशॉट सामने आए हैं, वे यह साबित करते हैं कि पूर्वर्ती सरकार के घोटालेबाजों का एक खतरनाक “बिग बॉस ग्रुप” था,जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल, उनके मित्र पुष्पक समेत कई अधिकारी और नेता थे। इसे आप कार्टेल कहिए, माफिया कहिए या फिर प्रदेश को लूटने वाला सिंडिकेट—इनका मक़सद षड्यंत्र पूर्वक, मनगढ़ंत कहानियां बनाना और कुछ अधिकारियों के खिलाफ दुष्प्रचार करना था।
यह ग्रुप षड्यंत्र दुष्प्रचार का बड़ा अड्डा था, खासकर ऐसे अधिकारियों के ख़िलाफ़ जो इनके दबाव में नहीं आते थे। जहां कांग्रेस का दावा था कि ये लोग एक दूसरे को जानते तक नहीं। लेकिन ग्रुप चैट से यह सिद्ध होता है, कि ना केवल जानते थे बल्कि मनगढ़ंत, झूठी कहानियां गढ़कर दुष्प्रचार करते थे।
चार्जशीट में साफ़ दर्ज है कि वरिष्ठ अधिकारी (जैसे अनिल टूटेजा, अरुण पति त्रिपाठी, सौम्या चौरसिया आदि), राजनेता (अनवर धेबर, कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य भघेल और उनके मित्र पुष्पक आदि) और ठेकेदार/डिस्टिलरी मालिक मिलकर अवैध कमीशन वसूली और नकली-अनअकाउंटेड शराब बेचने का पूरा तंत्र चला रहे थे। यह कोई मामूली खेल नहीं था—हज़ारों करोड़ रुपये का सीधा घोटाला था। इनकी पूरे राज्य को हाईजैक करने की साज़िश थी।

ईडी ने स्पष्ट किया है कि किस तरह ये लोग षड्यंत्र रचते थे और एक विवादित आईपीएस की ‘प्रसिद्ध कल्पनाओ पर आधारित डायरी’ को भी अपने एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते थे। बिग बॉस गैंग ने इसी डायरी को अपना टूल बनाकर अधिकारियों के ख़िलाफ़ षड्यंत्र रचने का काम किया।
इस सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ को हर स्तर पर तबाह करने का काम किया। चाहे जनता की मेहनत की कमाई की लूट हो या पूरे सरकारी तंत्र को भ्रष्ट करना। जो ईमानदार अधिकारी झुके नहीं उन्हें अपमानित और प्रताड़ित करने में इस सिंडिकेट ने सारी हदें पार कर दी। इससे ना केवल राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की छवि धूमिल हुई बल्कि करोडों छत्तीसगढ़ वासियों के मन में भी बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here