Instructions to the officials to work with full responsibility for excellent results in the board examinations.
विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दें जोर-कलेक्टर
कलेक्टर ने ली स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
रायगढ़ / कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट स्थित अपने कक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, उपलब्ध सुविधाएँ, पूर्व परीक्षाओं के परिणाम, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था, शिक्षक एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, पोषण शक्ति, उत्कर्ष योजना, त्रैमासिक परीक्षा, रजत जयंती कार्यक्रम और स्वच्छता सेवा पखवाड़ा जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा को परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों का उपयोग किया जाए और विद्यार्थियों की रुचि को ध्यान में रखते हुए शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाने के लिए गतिविधियों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कई विद्यालयों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर कहा कि अभिभावकों से संवाद कर बच्चों के विद्यालय न आने के कारणों का पता लगाया जाए और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही विद्यालयों में समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और नेत्र जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षकों का मूल कर्तव्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है और इस दिशा में सभी अधिकारी गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने विशेष रूप से बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता बताई, ताकि जिले का परीक्षा परिणाम राज्य स्तर पर उत्कृष्ट हो। बैठक में कलेक्टर ने जिले के जर्जर स्कूल भवनों की जानकारी लेकर उनकी सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री के.वी.राव सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी अधिकारी उपस्थित रहे।



