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धर्मांतरण से लौटे दो परिवार, ग्राम सरोना में हिंदू धर्म में की घर वापसी ग्राम सभा में लिया निर्णय, ग्रामीणों ने पैर धोकर किया सम्मानित स्वागत

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Two families returned from religious conversion and returned to Hinduism in Sarona village. The decision was taken in the Gram Sabha. Villagers welcomed them with a respectful welcome by washing their feet.

कांकेर । धार्मिक और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाला एक प्रेरणादायी उदाहरण कांकेर जिले के सरोना ग्राम से सामने आया है। ग्राम सरोना के भरीपारा में निवासरत रामप्रसाद सलाम एवं कपिल मरकाम नामक दो परिवारों ने रविवार को अपने पूरे परिवार के साथ पुनः हिंदू धर्म में वापसी की दोनों परिवार लगभग दो वर्ष पूर्व कुछ प्रलोभनों के कारण ईसाई धर्म में चले गए थे, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपनी गलती को महसूस किया और अपने मूल धर्म हिंदू धर्म में वापस लौटने का निर्णय लिया।

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ग्राम सभा में आयोजित इस विशेष अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष तारा ठाकुर, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष यशवंत सुरोजिया, जीवन नेताम, सरपंच दीपिका वट्टी, उपसरपंच दिनेश सहारे एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभा के दौरान दोनों परिवारों ने खुले रूप में अपने विचार रखते हुए कहा कि वे अब अपने मूल धर्म में स्थायी रूप से रहेंगे और समाज व संस्कृति से जुड़कर जीवन व्यतीत करेंगे।

ग्रामवासियों ने दोनों परिवारों का स्वागत परंपरागत तरीके से पैर धोकर और आरती उतारकर किया। गांव में “घर वापसी” का यह दृश्य अत्यंत भावनात्मक रहा। पूरे वातावरण में जय श्रीराम और हर हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष तारा ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि धर्मांतरण हमारी संस्कृति और परंपराओं को कमजोर करता है आज जिन परिवारों ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का निर्णय लिया है, वे समाज में जागरूकता और एकता का संदेश दे रहे हैं उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे परिवारों का स्वागत करना चाहिए जो अपने धर्म और संस्कृति के प्रति समर्पित हैं।

पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष यशवंत सुरोजिया ने कहा कि हमारा धर्म हमारी संस्कृति की पहचान है। किसी भी प्रलोभन में आकर अपनी जड़ों से कटना सही नहीं है। आज इन परिवारों ने जो साहस दिखाया है, वह समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे लोगों का सम्मान करना चाहिए जो अपनी संस्कृति और परंपराओं की ओर लौटने का साहस दिखाते हैं।

ग्राम सरपंच दीपिका वट्टी ने कहा कि धर्मांतरण के पीछे लालच और गलत जानकारी का बड़ा कारण होता है। उन्होंने गांव के सभी परिवारों से आग्रह किया कि वे अपनी आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और हिंदू परंपराओं के प्रति जागरूक करें ताकि भविष्य में कोई भ्रमित न हो।

इस दौरान ग्राम सभा में मौजूद ग्रामीणों ने भी दोहराया कि वे अपने गांव में किसी भी प्रकार के धर्मांतरण के प्रयासों का विरोध करेंगे और सामाजिक एकता को बनाए रखेंगे। कार्यक्रम के अंत में दोनों परिवारों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया और सभी ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि गांव में भाईचारे और एकता की भावना को सदैव बनाए रखेंगे।

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