Anger spreads across society over the so-called lawyer’s remarks, protests in front of Dr. Ambedkar statue
कांकेर। ग्वालियर के तथाकथित एडवोकेट अनिल मिश्रा द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर के विरुद्ध की गई अपमानजनक टिप्पणी को लेकर आज कांकेर में सर्व समाज (ST, SC, OBC) के बैनर तले ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एकजुट होकर नारेबाज़ी की और अनिल मिश्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व फांसी की सज़ा की मांग की।
सभा के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि अनिल मिश्रा एक कुंठित मानसिकता से ग्रस्त व्यक्ति है, जिसे संविधान और बाबा साहेब के राष्ट्रनिर्माण में योगदान का कोई ज्ञान नहीं है। माफी मांगने के बजाय वह खुलेआम सर्व समाज को चुनौती दे रहा है, जो उसकी मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे व्यक्ति की कड़ी से कड़ी सज़ा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति देश के संविधान निर्माता का अपमान करने का दुस्साहस न कर सके।
प्रदर्शन में सर्व समाज ने आगामी दिनों में विशाल विरोध आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की। वक्ताओं ने कहा कि अब समाज संस्थागत और संगठित रूप से किए जा रहे दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के अपमान के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा।
उन्होंने कहा- “हम मूलनिवासी हैं, अब डरने वाले नहीं। जिसने हमें अधिकार दिलाए, ऐसे बाबा साहेब का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। जरूरत पड़ी तो सड़क से संसद तक आंदोलन किया जाएगा।”
इसी क्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश महामहिम बी. आर. गंवाई पर सवर्ण समाज के एक वकील द्वारा जूता फेंकने की घटना की भी कड़ी निंदा की गई और आरोपी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग रखी गई।
इस अवसर पर डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर स्मारक समिति के पदाधिकारी, सर्व समाज संगठन के प्रतिनिधि और भारी संख्या में मूलनिवासी बहुजन समाजजन उपस्थित रहे।



