बिलासपुर/ मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
बिलासपुर (छत्तीसगढ़) — बिलासपुर के लाल ख़दान रेलवे स्टेशन के पास आज सुबह एक दर्दनाक रेल घटना सामने आई, जहाँ Indian Railways की एक पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी की आमने-सामने टक्कर हो गई। प्रारंभिक सूत्रों के अनुसार लगभग दस यात्रियों की मृत्यु की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।घटना के तुरंत बाद रेलवे विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। घायलों को जिला अस्पताल सहित आसपास के अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ को आपातकालीन मोड पर तैनात किया है।अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना का प्रभाव इतना भीषण था कि कई डिब्बे पटरी से उतर गए। मलबे में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए जेसीबी मशीन, गैस कटर और विशेष बचाव उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। मौके पर NDRF और स्थानीय बचाव दल के अलावा रेलवे की विशेष टीम भी राहत अभियान में लगी हुई है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा:
> “मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्यलाभ की कामना करता हूँ। दिवंगत यात्रियों की आत्मा को शांति मिले तथा परिजनों को धैर्य-सबल प्राप्त हो। मैं शासन-प्रशासन से आग्रह करता हूँ कि दुर्घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा घायलों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।”
उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
प्रशासन सक्रिय, जांच के निर्देश
जिला प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रेन की गति और संचार व्यवस्था से संबंधित सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। प्राथमिक स्तर पर तकनीकी या मानवीय त्रुटि से इंकार नहीं किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों और घायलों की संख्या में बढ़ोतरी संभव है, क्योंकि कई यात्री गंभीर अवस्था में हैं। फिलहाल शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और परिवारों को सूचित किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने निभाई अहम भूमिक
दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग सहायता के लिए आगे आए। उन्होंने घायल यात्रियों को बाहर निकालने और एंबुलेंस की व्यवस्था में प्रशासन की मदद की। उनके प्रयासों की प्रशासन द्वारा सराहना की गई है।
अगली अपडेट की प्रतीक्षा
रेल परिवहन को अस्थायी रूप से रोका गया है और वैकल्पिक मार्गों से ट्रेनों को डायवर्ट किया जा रहा है। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि:
मृतकों के परिवारों को मुआवज़ा प्रदान किया जाएगा
घायलों का इलाज पूरी जिम्मेदारी के साथ कराया जाएगा
जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी
इस दुखद घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्यवाही पर टिकी हैं।
दैनिक किरणदूत न्यूज़ पेपर इस घटना से संबंधित सभी अपडेट पाठकों तक पहुँचाता रहेगा।



