दुर्गम इलाके में विकास और सुरक्षा का नया अध्याय — “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत पहल
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – जिला बीजापुर के थाना गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम डोडीतुमनार में नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना की गई है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “नियद नेल्ला नार” योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को सुरक्षा एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
प्राकृतिक चुनौतियों के बीच साहसिक कार्य
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए इस कैम्प की स्थापना सफलतापूर्वक की। यह कदम न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह कैम्प बीजापुर–गंगालूर–पीड़िया–तर्रेम मार्ग को जोड़ने की दिशा में एक अहम प्रगति है। इससे क्षेत्र के ग्रामों को सड़क, पुल-पुलिया, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार एवं अन्य सुविधाओं से जोड़े जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना से स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस दुकानें, मोबाइल नेटवर्क, सड़क और पुल-पुलिया जैसी आवश्यक सुविधाएं सुलभ होंगी। साथ ही यह कैम्प माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
नक्सल उन्मूलन में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ
वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 22 सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 650 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, 196 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए, और 995 गिरफ्तार किए गए।
हाल ही में बस्तर संभाग में 210 माओवादियों का हथियारों सहित आत्मसमर्पण नक्सल-विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासनिक नेतृत्व एवं सहयोग
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी., आईजी केरिपु ऑप्स श्री शालिन, डीआईजी दंतेवाड़ा श्री कमलोचन कश्यप, डीआईजी (परि) केरिपु रेंज श्री बी.एस. नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सुरक्षा बलों में 153, 170, 168, 199 एवं कोबरा 202 बटालियन के अधिकारी व जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्ष 2023–24 एवं 2024–25 में अब तक कुल 44 नवीन सुरक्षा कैम्प जिले में स्थापित किए जा चुके हैं। “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल टॉवर, आंगनबाड़ी और अन्य जन-सुविधाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है।
यह पहल बीजापुर जिले के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा तय कर रही है। ग्रामीणों में इस पहल को लेकर उत्साह और भरोसे का माहौल देखा जा रहा है।



