जांजगीर। राज्योत्सव-2025 के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी में इस बार उद्यानिकी विभाग, जांजगीर-चांपा का स्टॉल खास आकर्षण का केंद्र बना रहा। हाई स्कूल मैदान में लगाए गए इस प्रदर्शनी स्टॉल ने आधुनिक खेती की झलक पेश करते हुए किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को तकनीकी रूप से उन्नत कृषि की दिशा दिखाई।
विभाग द्वारा प्रदर्शनी में आयल पाम योजना, फूलों की खेती, फलों व सब्जियों की इंटरक्रॉपिंग तकनीक, और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम का लाइव प्रदर्शन किया गया। इनमें सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला मॉडल रहा ‘आयल पाम इंटरक्रॉपिंग सिस्टम’, जिसमें केला और विभिन्न सब्जी फसलों की मिश्रित खेती को प्रदर्शित किया गया। इस मॉडल ने यह संदेश दिया कि यदि किसान बहु-फसली खेती की वैज्ञानिक पद्धति अपनाएं, तो वे उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ आय में भी उल्लेखनीय सुधार कर सकते हैं।
स्टॉल में आने वाले किसानों को विभागीय अधिकारियों ने उन्नत फसलों की किस्में, प्रसंस्करण तकनीक, और सरकारी सब्सिडी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं, विद्यार्थियों के लिए भी खेती में नवाचारों और उद्यानिकी के व्यावसायिक अवसरों पर प्रदर्शनात्मक सत्र आयोजित किए गए।
इस अवसर पर सहायक संचालक (उद्यानिकी) रंजना माखीजा ने बताया—
“राज्योत्सव जैसे आयोजन किसानों तक आधुनिक खेती की तकनीकें पहुंचाने का बेहतर माध्यम हैं। हमारा उद्देश्य है कि किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक फसलों और वैज्ञानिक विधियों को अपनाएं। आयल पाम जैसी फसलें भविष्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”
तीनों दिनों तक प्रदर्शनी स्थल पर किसानों, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ती रही। सभी ने विभागीय नवाचारों और योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम किसानों के लिए जानकारी और प्रेरणा दोनों का स्रोत हैं।
राज्योत्सव में उद्यानिकी विभाग का यह स्टॉल न केवल प्रदर्शन के लिहाज से सफल रहा, बल्कि यह भी साबित कर गया कि छत्तीसगढ़ का किसान अब आधुनिक तकनीक से लैस नई कृषि क्रांति की ओर बढ़ रहा है।



