Crorepati and BPL ration card nominee employment assistant revealed
मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
= गरीब” रोजगार सहायक बना करोड़पति- लोरमी सहित पूरे जिले और प्रदेश में भारी सवाल रोजगार सहायक का आज हुआ खुलासा
= बीपीएल कार्डधारी रोजगार सहायक सचिव पर गंभीर आरोप — करोड़ों की संपत्ति, 10 एकड़ जमीन का मालिक! विभागों में हुआ लिखित शिकायत
मुंगेली / लोरमी। – लोरमी ब्लॉक में सरकारी तंत्र की पारदर्शिता और गरीबी उन्मूलन योजनाओं की साख पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है।
ग्राम पंचायत परदेशीकापा निवासी और वर्तमान में खैरवार खुर्द पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक सचिव गुलाब दास बंजारे पिता पुनदास बंजारे पर कथित भ्रष्टाचार, अनुचित संपत्ति अर्जन और गरीब कल्याण योजनाओं के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं।
= “गरीब” रोजगार सहायक बना करोड़पति!
ग्रामीणों का कहना है कि गुलाब दास बंजारे के परिवार के नाम आज भी बीपीएल व अंत्योदय राशन कार्ड है, जिसके आधार पर वे “महा गरीब श्रेणी” में आते हैं।
फिर भी, पिछले 18 वर्षों में उन्होंने लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि खरीदी, पक्के मकान और अन्य संपत्तियाँ खड़ी की हैं।
सवाल उठता है —
मात्र ₹2000 मासिक मानदेय पाने वाला व्यक्ति इतना धन कहाँ से ला सकता है?
= अब पहुंची शिकायत विभागों तक
गुरुवार को ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने इस मामले में आयकर विभाग, खाद्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में गुलाब दास बंजारे की भूमि, संपत्ति, बैंक लेन-देन और बीपीएल कार्ड से जुड़ी दस्तावेजी जानकारी शामिल की गई है।
ग्रामीणों का दावा है कि यह सिर्फ “बर्फ का एक टुकड़ा” है — असली खुलासा तो अभी बाकी है।
= ग्रामीणों का सवाल — क्या प्रशासन जानबूझकर चुप है?
ग्रामीणों ने प्रशासन से तीखे सवाल किए हैं:
1. गरीबी रेखा के नीचे दर्ज व्यक्ति करोड़ों की संपत्ति का मालिक कैसे बना?
2. अंत्योदय श्रेणी का चावल लेने वाला व्यक्ति क्या सचमुच गरीब है या सिस्टम का खिलवाड़ कर रहा है?
3. क्या विभागीय अधिकारियों की “साइलेंट पॉलिसी” चल रही है?
4. क्या यह मामला केवल शिकायतों तक सीमित रह जाएगा या फिर कार्रवाई भी होगी?
=ग्रामीणों की चेतावनी — “अब चुप नहीं रहेंगे”
ग्रामीणों ने कहा —
> “सरकारी पद का दुरुपयोग कर जो लोग गरीबों का हक छीन रहे हैं, वे समाज के लिए कलंक हैं। यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला जनआंदोलन का रूप लेगा।”
ग्रामीणों ने बताया कि आने वाले दिनों में जमीनों के दस्तावेज, बैंक डिटेल और बीपीएल कार्ड से जुड़े प्रमाण सार्वजनिक मंच पर लाए जाएंगे ताकि सच सबके सामने आ सके।
= प्रशासन की अग्निपरीक्षा
अब सवाल प्रशासन के ऊपर है —
क्या मुंगेली कलेक्टर, इनकम टैक्स विभाग, खाद्य विभाग और पंचायत विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करेंगे?
या फिर यह मामला भी लीपा-पोती की फाइलों में दब जाएगा, जैसा अक्सर होता आया है?
सवाल यह भी उठता है कि जब सरकारी योजनाओं का लाभ असली गरीबों तक नहीं पहुँच पा रहा, तो आखिर सरकार की “गरीबी हटाओ” योजनाएँ किसके लिए हैं?
= मामले में प्रमुख ना…
नाम: गुलाब दास बंजारे
पिता का नाम: पुनदास बंजारे
ग्राम पंचायत: परदेशीकापा
पोस्ट ऑफिस: चिल्फी
तहसील / ब्लॉक: लोरमी, जिला मुंगेली
वर्तमान पदस्थापन: रोजगार सहायक सचिव, ग्राम पंचायत खैरवार खुर्द
पत्नी का नाम: सरिता बंजारे (बीपीएल अंत्योदय कार्डधारी – “महा गरीब” श्रेणी)
= क्या कार्रवाई होगी या फिर सन्नाटा रहेगा?
मामले का खुलासा प्रशासनिक व्यवस्था की ईमानदारी बनाम चुप्पी की असली तस्वीर दिखाएगा।
अगर जांच निष्पक्ष हुई तो कई “गुप्त धंधे” और “फर्जी गरीब” बेनकाब हो सकते हैं।
लेकिन अगर फाइलें फिर दराज में दबा दी गईं, तो यह सिस्टम के लिए शर्म की बात होगी।
= निष्कर्ष
लोरमी ब्लॉक का यह मामला केवल एक व्यक्ति के भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे पर सवाल है —
क्या सरकारी योजनाएँ वाकई गरीबों तक पहुँच रही हैं,
या फिर कुछ चुनिंदा लोग “गरीबी” का तमगा पहनकर करोड़पति बनते जा रहे हैं?
अब देखना यह है कि कलेक्टर और संबंधित विभाग ईमानदारी दिखाते हैं या फिर इस सिस्टम की पुरानी बीमारी — “लीपा-पोती” — एक बार फिर सक्रिय हो जाती है।
= जल्द बड़ा खुलासा संभव… ग्रामीणों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस कथित “रोजगार सहायक घोटाले” से जुड़े नए दस्तावेज और सबूत सार्वजनिक किए जाएंगे,
जो पूरे लोरमी ब्लॉक ही नहीं, बल्कि मुंगेली जिला प्रशासन को भी हिला सकते हैं।
वही मुंगेली कलेक्टर से जब इसके बारे में पूछा गया तो उनका कहना है कि जांच उसका कराते है यदि दोषी पाया जाता है तो तत्काल उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया,



