Fake ration card scam in Lormi block – wives and children added to ration cards without marriage! Administration demands action.
मुंगेली जिला हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
मुंगेली से बड़ा खुलासा
मुंगेली।= छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को सकते में डाल दिया है। लोरमी ब्लॉक के ग्राम पंचायत लालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमरूकापा में करीब 20 से 21 फर्जी राशन कार्ड बनाए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
इन राशन कार्डों में जिन युवकों के नाम जुड़े हैं, उनमें से कई अविवाहित हैं, फिर भी उनके नाम से “पत्नी” और “बच्चे” दिखाकर राशन कार्ड तैयार कर लिया गया है। इतना ही नहीं, बताया जा रहा है कि यह सब पूर्व सरपंच द्वारा जनपद पंचायत कार्यालय में 4,000 रुपए लेकर फर्जी तरीके से कराया गया है।
= आवेदक की शिकायत — ‘फर्जी कार्डधारियों को राशन वितरण जारी’
इस पूरे प्रकरण की शिकायत धनराज माधुर (टोकन क्रमांक: 13846, दिनांक 28/10/2025) द्वारा कलेक्टर जनदर्शन, जिला मुंगेली में की गई है।
आवेदक ने बताया कि ग्राम पंचायत लालपुर की करूणा माता स्व सहायता समूह, ग्राम अमरूकापा की उचित मूल्य की दुकान (क्रमांक 402007078) के संचालक द्वारा पूरी जानकारी होने के बावजूद फर्जी राशन कार्डधारियों को अनाज वितरित किया जा रहा है।
= फर्जी राशन कार्डों की सूची में ये नाम शामिल—
1. अंजनी / विकास कुमार
2. अनामिका बारे / महेश कुमार बारे
3. अनीता टंडन / एवन
4. अमृता बघेल / सूर्यकांत बघेल
5. अनीश भास्कर / महेश भास्कर
6. अर्चना बघेल / नीलेश कुमार बघेल
7. कीर्ति बघेल / मुकेश कुमार बघेल
8. गायत्री बघेल / गंगा प्रसाद
9. राधिका भास्कर / महेंद्र भास्कर
10. शिवानी डाहिरे / मोतीलाल डाहिरे
11. शोभिता बघेल / नीलकमल
12. संध्या जांगड़े / एवन
13. सुनीता बघेल / मुकेश कुमार बघेल, एवं अन्य आदि सभी लोगों के द्वारा
दुकान क्रमांक: 402007078 से ही चावल अहरण किया जाता है
= कलेक्टर और खाद्य अधिकारी से कार्रवाई की मांग
आवेदक ने अपने आवेदन में लिखा है कि
> “इन राशन कार्डों की तत्काल जांच की जाए तथा दोषियों — चाहे वे दुकान संचालक हों या कार्ड बनवाने में शामिल अधिकारी — के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए।”
शिकायत की प्रतिलिपि खाद्य अधिकारी, मुंगेली को भी भेजी गई है।
= जनता और विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा प्रहार किया है। विपक्ष का आरोप है कि –
> “यह पूरा खेल भाजपा शासनकाल में हुआ है, और भ्रष्टाचारियों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। सरकार को तुरंत जांच कराकर दोषियों पर धोखाधड़ी की धाराओं में कार्रवाई करनी चाहिए।”
जनता भी सवाल उठा रही है कि क्या यह मामला उपमुख्यमंत्री अरुण साहू के विधानसभा क्षेत्र में होने के कारण दबा दिया जाएगा, या कलेक्टर कुंदन कुमार सख्ती दिखाते हुए दोषियों के खिलाफ उदाहरणीय कार्रवाई करेंगे?
= जिला प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खाद्य विभाग की निगरानी प्रणाली यदि ठीक से काम करती, तो ऐसा घोटाला संभव ही नहीं था।
ग्राम पंचायत और स्व सहायता समूह के बीच मिलीभगत का यह मामला न केवल लोक कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे गरीबों के नाम पर भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है।
= “एक कदम शासन की ओर…” लेकिन किस दिशा में?
प्रदेश में चल रही “एक कदम शासन की ओर” पहल का मकसद था जनता को न्याय दिलाना, परंतु अगर ऐसी गंभीर शिकायतें केवल “कागजी कार्यवाही” तक सीमित रह जाएँ, तो यह अभियान अपनी साख खो देगा।
= अब नजरें प्रशासन पर — कार्रवाई या लीपापोती?
अब देखना यह होगा कि मुंगेली के कलेक्टर कुंदन कुमार इस पूरे मामले पर कितनी तत्परता दिखाते हैं —
क्या दोषियों पर FIR दर्ज कर फर्जी राशन कार्डों को रद्द किया जाएगा,या फिर यह भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
वही लोरमी एसडीएम अजीत पुजारी के द्वारा जांच कर दोषियों के ऊपर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया



