Home Blog सतनाम धर्म की गौरवशाली परंपरा में भव्य सम्मान समारोह सम्पन्न

सतनाम धर्म की गौरवशाली परंपरा में भव्य सम्मान समारोह सम्पन्न

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A grand felicitation ceremony was held in the glorious tradition of Satnam religion.

मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट

Ro.No - 13672/156

मुंगेली -/- लोरमी – “हे सतनाम, हे सतपुरुष” के पवित्र उद्घोष के साथ आज दिनांक 9 नवम्बर 2025, दिन रविवार को ग्राम खैरवार खुर्द (ब्लॉक-लोरमी) में सतनाम धर्म के अनुयायियों द्वारा आयोजित भव्य संत–महंत, समाज प्रमुख, पत्रकार, वकील,भण्डारी एवं साटीदार सम्मान समारोह तथा गुरु प्रसादी भण्डारा का आयोजन दिव्य वातावरण में सम्पन्न हुआ।इस कार्यक्रम का आयोजन सतनाम धर्म की परंपरा एवं आध्यात्मिक जागरण के प्रेरणास्रोत, जीवतारणहार धर्मगुरु परम् पूज्य गुरु सोमेश बाबा जी (संस्थापक — सतनाम आध्यात्मिक शक्ति परिवार, गुरुद्वारा भण्डारपुरीधाम, छत्तीसगढ़) के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में किया गया।

= डीजे और बाइकरैली से गूंजा लोरमी क्षेत्र…
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। रेस्ट हाउस लोरमी से बाइकरैली व डीजे के साथ भक्तों ने जयकारों के बीच यात्रा प्रारंभ की। रैली सारचा, खाम्ही, बोड़तसकलों, हरदी होते हुए खैरवार खुर्द चौक पहुँची, जहाँ स्वागत-अभिनंदन के बाद रैली का समापन शासकीय प्राथमिक शाला मैदान खैरवार खुर्द में हुआ। रैली के दौरान “सतनाम साहेब”, “गुरु सोमेश बाबा अमर रहें” के उद्घोषों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। भक्तगण गुरु के दिव्य दर्शन व वाणी श्रवण के लिए दूर-दूर से पहुँचे।

= गुरु वाणी एवं सम्मान समारोह में उमड़ा जनसैलाब..
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12 बजे हुआ जब धर्मगुरु गुरु सोमेश बाबा जी का लोरमी रेस्ट हाउस पहुँचने पर पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। इसके बाद दोपहर 1 बजे से ज्ञान गंगा लोक कला मंच के कलाकार द्वारिका बर्मन द्वारा सतनाम मजन प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति भाव में सराबोर कर दिया।

दोपहर 2 बजे धर्मगुरु गुरु सोमेश बाबा जी धर्ममंच पर विराजमान हुए। आरती, सतनाम वाणी और गुरु प्रवचन के पश्चात मंच से समाज के पंच प्रमुख, सियानों, पत्रकारों, वकीलों, समाज प्रमुखों, भण्डारी, साटीदारों एवं संत–महंतों को सम्मान पत्र, बैज-बिल्ला एवं नियुक्ति प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

आयोजन समिति ने इस अवसर पर समाजसेवी, पत्रकार एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधियों का विशेष रूप से अभिनंदन किया।

= गुरु सोमेश बाबा का प्रेरक प्रवचन..
अपने प्रवचन में धर्मगुरु गुरु सोमेश बाबा जी ने कहा —

>,,सतनाम ही सत्य है। वही जीवन का आधार और मुक्ति का मार्ग है। हमें गुरु बालकदास बाबा, गुरु अमरदास बाबा और गुरु घासीदास बाबा के बताए हुए सत्मार्ग पर चलना चाहिए। जब तक मन, वचन और कर्म से हम सत्य और सेवा में नहीं होंगे, तब तक वास्तविक अध्यात्म अधूरा रहेगा।”

गुरुजी ने सभी से आग्रह किया कि समाज में प्रेम, एकता, अहिंसा और सत्य के संदेश को फैलाएँ तथा गुरु परंपरा के सिद्धांतों को जीवन में अपनाएँ।

= भव्य भण्डारा एवं समापन…
संध्या 4 बजे धर्मगुरु के आशीर्वचन के बाद कार्यक्रम का समापन गुरु प्रसादी भण्डारा के साथ हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर स्वयं को कृतार्थ महसूस किया।
कार्यक्रम में राजा मिरी सतनामी (जिला महंत), राधे सतनामी (ब्लॉक महंत), देवदत्त सतनामी (सेक्टर महंत), उत्तरा सतनामी (सरपंच पति, सौरखुर्द) सहित अनेक संत–महंत, समाज प्रमुख, अधिकारी-कर्मचारी, गुरु सिपाही, सतनाम अध्यात्मिक शक्ति परिवार एवं अखिल भारतीय सतनाम सेना के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

= संक्षेप में—
यह आयोजन न केवल सतनाम धर्म की परंपरा का उत्सव था, बल्कि सामाजिक एकता, गुरु भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने का प्रेरक संदेश देने वाला एक ऐतिहासिक दिवस भी बन गया।

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