बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में पुलिस और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 27 लाख रुपये के इनामी छह कुख्यात माओवादी मारे गए। मारे गए नक्सलियों में मद्देड़ एरिया कमेटी प्रभारी डीवीसीएम कन्ना ऊर्फ बुचन्ना और डीवीसीएम उर्मिला, पत्नी पापाराव (डीकेएसजेडसीएम), शामिल हैं। इनके अलावा एसीएम जगत तामो, पार्टी मेंबर देवे, भगत और मंगली ओयाम भी मुठभेड़ में मारे गए।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव के अनुसार, कांदुलनार-कचलारम और गुज्जाकोंटा के जंगलों में 50 से 60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। मुठभेड़ के दौरान 6 माओवादी ढेर हो गए।
मौके से दो इंसास रायफल, एक 9 एमएम कार्बाइन, एक .303 रायफल, 12 बोर बंदूक, ग्रेनेड, विस्फोटक, माओवादी वर्दी और अन्य सामग्री बरामद की गई।
कन्ना ऊर्फ बुचन्ना मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी और 8 लाख का इनामी था। उसके खिलाफ 42 मामले दर्ज और 18 स्थाई वारंट लंबित थे। वह कई आईईडी विस्फोट, ग्रामीणों की हत्याओं और वाहनों में आगजनी की घटनाओं में शामिल रहा। बुचन्ना की मौत को सुरक्षा बलों ने माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका बताया है।
उर्मिला, जो 8 लाख की इनामी और पापाराव की पत्नी थी, पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव थी। वह पीएलजीए बटालियन की सप्लाई चेन संभालती थी और संगठन की रसद व्यवस्था का अहम हिस्सा थी। उसकी मौत से माओवादी संगठन की आपूर्ति व्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में बीजापुर जिले में हुई विभिन्न मुठभेड़ों में अब तक 144 माओवादी मारे गए, 499 गिरफ्तार हुए और 560 ने आत्मसमर्पण किया है। जनवरी 2024 से अब तक पूरे जिले में कुल 202 माओवादी मारे गए, 1002 गिरफ्तार हुए और 749 ने आत्मसमर्पण किया।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में अंतिम बचे माओवादी ठिकानों को समाप्त करने के लिए अभियान और तेज किया गया है। उन्होंने कहा —
> “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है — एक शांतिपूर्ण और नक्सल-मुक्त बस्तर। अब माओवादी संगठन पूरी तरह से घिर चुका है और उसके पास हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।”



