School Tyagi Mukt Gram Abhiyan till 26th November, a new initiative to connect deprived students with education.
उत्तर बस्तर कांकेर, 21 नवम्बर 2025/ जिले में माओवाद प्रभावित आदिवासी बाहुल्य व दुर्गम पहुंचविहीन भौगोलिक परिस्थितियांे को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शाला त्यागी विद्यार्थियों को शिक्ष से जोड़ने नई पहल की जा रही है। इसके तहत जिले में अनुरोध कार्यक्रम संचालित किया जा रहा हैै। जिला प्रशासन द्वारा शाला त्यागी व अप्रवेशी बच्चों का चिन्हांकन ग्राम स्तर पर आज से 26 नवम्बर के बीच किया जा रहा है। उक्त अवधि में आयोजित विशेष ग्राम सभा में ऐसे बच्चों का चिन्हांकन करते हुए उन्हें शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जिसे ‘‘अनुरोध कार्यक्रम शाला त्यागी मुक्त ग्राम’’ अभियान नाम दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में बोर्ड परीक्षा की तैयारी, बच्चों का आपार आईडी, यूडाईस की प्रविष्टि, उपचारात्मक शिक्षण जैसे कार्य स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सम्पादित किये जा रहे हैं। छात्रों की विद्यालयों में नियमित उपस्थिति तथा उनकी विद्यालय में निरंतरता बनाये रखने के लिए सतत् निरीक्षण भी किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान शासकीय विद्यालयों में प्रति दिवस 5 से 10 प्रतिशत बच्चे नियमित रूप से अनुपस्थित रहते हैं। यह संख्या सेकण्डरी स्तर पर बढ़कर 20 प्रतिशत या उससे अधिक हो जाता है। यह भी बताया गया कि शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के ड्रॉप बाक्स में अभी भी 5900 से अधिक बच्चे दर्शित हैं, उन बच्चों का परीक्षण कर शिक्षा के मुख्यधारा में जोड़ा जाना है।
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने पालकगण, सरपंच एवं गणमान्य नागरिकों से शाला त्यागी बच्चों को अनिवार्य रूप से समीप के विद्यालयों में समुचित कक्षा में इंद्राज कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी ग्राम पंचायतों को 26 जनवरी 2026 राष्ट्रीय पर्व में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।



