Demand for opening a government college in Dhobani intensifies, now awaiting final approval
बिलाईगढ़– ग्राम धोबनी तथा आसपास के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर लंबे समय से उठ रही मांग अब निर्णायक चरण में पहुँचती दिखाई दे रही है। पिछले तीन दशक से संचालित उच्च विद्यालय तथा दो दशक से चल रहे हायर सेकेंडरी स्कूल के बाद अब ग्राम में शासकीय महाविद्यालय खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ग्राम पंचायत धोबनी तथा क्षेत्रवासियों द्वारा वर्षों से भेजे जा रहे आवेदन एवं मांगों पर कार्यवाही करते हुए आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा पत्र क्रमांक 687 दिनांक 25.10.2025 के माध्यम से आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे। इसके तहत शासकीय महाविद्यालय लोचन प्रसाद पांडे, संबंधित महाविद्यालय प्राचार्य तथा उनकी टीम द्वारा स्थल का प्रारंभिक निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया था।
03 नवंबर 2025 को हुआ निरीक्षण, रिपोर्ट भेजी जा चुकी…
निर्देशानुसार 03.11.2025 को धोबनी पहुँचकर महाविद्यालय की टीम ने संभावित स्थान तथा उपलब्ध संसाधनों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौजूदा शैक्षणिक स्थिति, छात्र संख्या, भौगोलिक परिस्थितियाँ, भूमि उपलब्धता तथा आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा की गई। टीम द्वारा अपनी विस्तृत रिपोर्ट एवं अभिमत विभाग को प्रेषित कर दिया गया है। अब विभागीय स्तर पर अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है।
क्यों आवश्यक है धोबनी में महाविद्यालय?…
धोबनी एवं इसके आसपास लगभग 15–20 किलोमीटर के दायरे में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करते हैं। यह दूरी अनेक छात्रों—विशेषकर बालिकाओं—के लिए बड़ी बाधा बनती है। क्षेत्रीय जनसंख्या के अनुसार यहां युवाओं की संख्या काफी अधिक है, पर उच्च शिक्षा संस्थान न होने से उन्हें दूसरे कस्बों या शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
गणना के अनुसार धोबनी से निकटतम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निम्न दूरी पर स्थित हैं—
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुरुग 4 किलोमीटर
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कलिहारी 7 किलोमीटर
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रायकोना 5 किलोमीटर
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खम्हरिया 6 किलोमीटर
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गाटाडीह 7 किलोमीटर
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, घरजरा (सिहार जोर) 9 किलोमीटर
इन दूरियों के कारण छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए और भी दूर स्थित महाविद्यालयों में जाना पड़ता है। परिवहन सुविधा सीमित होने तथा आर्थिक स्थितियों के कारण अनेक विद्यार्थी आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की इस वास्तविकता को देखते हुए धोबनी में महाविद्यालय खोलना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।
48 एकड़ आरक्षित भूमि और तैयार भवन स्थाई संचालन की पूरी संभावना…
महाविद्यालय स्थापना के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता पर्याप्त भूमि की होती है। सौभाग्य से धोबनी में 48 एकड़ आरक्षित भूमि उपलब्ध है, जो किसी भी शासकीय महाविद्यालय की स्थापना के लिए आदर्श मानी जाती है। साथ ही, ग्राम में महाविद्यालय को स्थाई रूप से संचालित करने योग्य भवन भी पहले से उपलब्ध है। इससे शुरुआती चरण में भवन निर्माण पर आने वाला भारी खर्च बच सकेगा और महाविद्यालय का संचालन तुरंत शुरू किया जा सकेगा।
शिक्षा का मजबूत वातावरण अनेक शिक्षक धोबनी से…
धोबनी क्षेत्र में शिक्षा का माहौल पहले से ही मजबूत रहा है। यहां से बड़ी संख्या में युवा शिक्षा विभाग सहित अन्य सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। कई शिक्षक व शिक्षिकाएँ इसी क्षेत्र के निवासी हैं, जिससे वातावरण में शैक्षणिक चेतना और जागरूकता बनी रहती है। यह वातावरण किसी भी महाविद्यालय के सफल संचालन के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
होनहार छात्रों का गौरव मेरिट सूची में रहा है नाम…
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धोबनी के कई प्रतिभाशाली छात्र वर्षों से विभिन्न परीक्षाओं में मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करते आए हैं। यहां के छात्र प्रदेश स्तर पर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से क्षेत्र का नाम रोशन करते रहे हैं। यदि यही छात्र स्थानीय स्तर पर महाविद्यालय की सुविधा प्राप्त करें, तो निस्संदेह उच्च शिक्षा में और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
महाविद्यालय से क्या होंगे लाभ?…
यदि धोबनी में शासकीय महाविद्यालय की स्थापना होती है, तो इसके अनेक बहुमुखी लाभ होंगे-
1. बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा – दूरी कम होने से अधिक बालिकाएं स्नातक तक अध्ययन कर सकेंगी।
2. छात्रों का समय और धन बचेगा रोज़ाना कई किलोमीटर की यात्रा करने की मजबूरी समाप्त होगी।
3. स्थानीय रोजगार सृजन शिक्षकों, स्टाफ, सुरक्षा, परिवहन आदि में नए रोजगार उत्पन्न होंगे।
4. गांव और क्षेत्र का विकास शिक्षा से सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में तेजी आएगी।
5. उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी क्षेत्र के हर वर्ग के बच्चे आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
6. ग्रामीण प्रतिभाओं का संरक्षण जो छात्र दूरी के कारण पढ़ाई छोड़ देते थे, वे भी अपनी पढ़ाई जारी रख पाएंगे।
ग्रामवासियों में उत्साह, उम्मीदें बढ़ीं…
निरीक्षण टीम के लौटने के बाद ग्रामवासियों में उत्साह का माहौल है। पंचायत प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने इसे “ऐतिहासिक अवसर” बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि दशकों से लंबित मांग अब साकार होने की ओर है। कई अभिभावकों ने कहा कि यदि महाविद्यालय की सुविधा मिलती है, तो उनके बच्चों को बाहर भेजने का खर्च बचेगा और वे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर सकेंगे।
अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा…
सभी आवश्यक दस्तावेज, निरीक्षण रिपोर्ट तथा प्रस्ताव विभाग को भेजे जा चुके हैं। अब उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। यदि सब कुछ अनुकूल रहा, तो आगामी सत्र से ही धोबनी में शासकीय महाविद्यालय की पढ़ाई शुरू हो सकती है।
धोबनी में महाविद्यालय की स्थापना न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम होगा, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। ग्रामवासियों को उम्मीद है कि शासन जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेकर इस लंबे समय से प्रतीक्षित मांग को पूर्ण करेगा।



