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मुंगेली में कानून व्यवस्था बदहाल, अफसरशाही हावी: उप-अभियंता सोनल जैन मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग पर समाजवादी पार्टी का कड़ा हमला

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Law and order in Mungeli is in shambles, bureaucracy dominates: Samajwadi Party strongly attacks demand for high-level investigation into Deputy Engineer Sonal Jain case

मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट

Ro.No - 13672/156

मुंगेली। – जिले में कानून व्यवस्था की गिरती हालत और पंचायत प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर समाजवादी पार्टी ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मिलऊ यादव ने कलेक्टर मुंगेली को ज्ञापन सौंपते हुए जनपद पंचायत मुंगेली में उप-अभियंता सोनल जैन से जुड़े प्रकरण सहित पंचायती व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं की विधिवत जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि जिले में शासन-प्रशासन की ढिलाई और अफसरशाही रवैये के चलते कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और कुछ चुनिंदा अधिकारी व जनप्रतिनिधि सत्ता के संरक्षण में मनमानी कर रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासनिक तंत्र लोकसेवा के बजाय तानाशाही में लिप्त होता नजर आ रहा है, जिससे आम जनता त्रस्त है।

सोनल जैन प्रकरण बना जिले की बदनामी का कारण

ज्ञापन में विशेष रूप से उप-अभियंता सोनल जैन के मामले को उठाते हुए कहा गया है कि उनके लिखित आवेदन और सुसाइड नोट जैसे गंभीर दस्तावेज सामने आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पार्टी का कहना है कि वर्षों की कथित प्रताड़ना, आत्महत्या प्रयास और बाद की ‘कानूनी लीपापोती’ जैसे हालात प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करते हैं।

समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि मामले में न तो किसी को आरोपी बनाया गया और न ही सार्वजनिक रूप से जांच की प्रगति सामने आई, जिससे जनता में असंतोष और अविश्वास बढ़ रहा है। पार्टी ने सवाल उठाया है कि क्या यह मामला भी “फाइलों में दबा दिया जाएगा” या फिर सही मायनों में न्याय होगा।

पंचायती राज व्यवस्था पर गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी का कहना है कि जनपद पंचायत मुंगेली भ्रष्टाचार का अड्डा बनती जा रही है। अधिकारी-कर्मचारियों के बीच समन्वय का अभाव और राजनीतिक संरक्षण में पनपता भ्रष्टाचार पंचायती राज व्यवस्था की जड़ों को खोखला कर रहा है।

पार्टी के अनुसार, शासन सत्ता की दुहाई देकर नियम-कानून को ताक पर रखकर काम चलाया जा रहा है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों और विकास कार्यों को भुगतना पड़ रहा है।

“अब चुप नहीं बैठेगी समाजवादी पार्टी”

जिलाध्यक्ष मिलऊ यादव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं की गई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्होंने कहा कि—

> “यह सिर्फ एक अधिकारी का मामला नहीं, बल्कि पूरे जिले की साख से जुड़ा हुआ विषय है। अगर प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, तो सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा।”

प्रशासन पर बढ़ा दबाव

समाजवादी पार्टी के इस ज्ञापन के बाद जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है तथा जिले की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो सकते हैं।

जनता की निगाहें अब प्रशासन पर

अब जिले की जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कलेक्टर और जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण पर क्या रुख अपनाते हैं—
क्या निष्पक्ष जांच होगी?
क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी?
या यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा?

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