A grand martyrdom rally was organised in Kanker on the birth anniversary of martyr Veer Narayan Singh.
आदिवासी युवा छात्र संगठन और क्षेत्रीय युवा साथियों की ऐतिहासिक भागीदारी
कांकेर। छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारी, जल-जंगल-जमीन की रक्षा के प्रतीक और आदिवासी समाज के अमर शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस पर कांकेर में भव्य शहादत रैली का आयोजन किया गया। आदिवासी युवा छात्र संगठन कांकेर एवं क्षेत्र के समस्त युवा साथियों की सहभागिता से निकाली गई यह रैली जन-जागरूकता, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक संदेशों से सराबोर रही।
यह ऐतिहासिक शहादत रैली गोंडवाना भवन भिरावहीँ से प्रारंभ होकर नए बस स्टैंड तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, छात्र-छात्राओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रैली के माध्यम से शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन, संघर्ष और बलिदान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया गया। नारों, बैनरों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं ने इस महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रैली के समापन पर नए बस स्टैंड स्थित डोम में विशाल सभा का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित वक्ताओं ने वर्तमान समय में जल, जंगल, जमीन, संस्कृति संरक्षण और नशा मुक्ति को लेकर कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान हासपेन जीवन ठाकुर की जेल कस्टडी में हुई मौत के मामले में निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
सभा में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की अस्मिता, परंपराएं और अधिकार निरंतर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में युवाओं की जागरूकता और एकजुटता ही समाज को मजबूत बनाएगी। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह द्वारा अन्याय, अत्याचार और शोषण के विरुद्ध लड़ी गई लड़ाई को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे – हेमलाल मरकाम, जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर, जनपद सदस्य अनमोल मंडावी, जिला अध्यक्ष राकेश दर्रो, सकून तारम, पूनम नेताम, रेखबत्ती वट्टी, तारा पोटाई, संदीप मण्डावी, लोकेश कुंजाम, विशाल ठाकुर, महेंद्र मंडावी, राहुल नागवंशी, डोमेंद्र शोरी, महेंद्र नाग, टोमेश ध्रुव, राजू वट्टी, किरण मरकाम, तनुजा सलाम, विभा नेताम, काजल मरकाम, मनीषा गावड़े, चिंकी ध्रुव, त्रिलोचन बघेल . निरंजन भास्कर , दिलीप पदमाकर, मनोज नेताम, रेनुका पोटाई, पवन पदमाकर, सुरेंद्र भास्कर एवं पीएमटी छात्रावास के सभी युवा साथी।
पूरे आयोजन के दौरान युवाओं में जोश, अनुशासन और शहीद वीर नारायण सिंह के प्रति सम्मान की भावना देखने योग्य थी। रैली और सभा ने यह संदेश दिया कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सदैव एकजुट है और शहीद वीर नारायण सिंह की विरासत नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बनी हुई है।



