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एग्रो पोर्टल के खिलाफ किसान कांग्रेस का आक्रोश, 20 दिसंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

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Kisan Congress protests against Agro Portal, warns of state-wide agitation from December 20

किसानों के शोषण, अवैध वसूली और अत्यधिक तौल के विरोध में कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन

Ro.No - 13672/156

मुंगेली।- धान खरीदी व्यवस्था में अव्यवस्था, एग्रो पोर्टल की विफलता, अवैध हमाली वसूली और अत्यधिक तौल जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर जिला किसान कांग्रेस कमेटी मुंगेली ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष रामप्रकाश यादव के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में किसानों के साथ हो रहे आर्थिक शोषण को उजागर करते हुए एग्रो पोर्टल को तत्काल बंद कर पुरानी धान खरीदी पद्धति लागू करने की मांग की गई है।

किसान कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा लागू की गई एग्रो पोर्टल आधारित टोकन व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। तकनीकी खामियों और अव्यवहारिक नियमों के कारण न तो कई किसानों का पंजीयन हो पा रहा है और न ही उन्हें समय पर टोकन मिल रहा है, जिससे धान बिक्री बाधित होकर किसान भारी मानसिक तनाव में हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि महासमुंद जिले में टोकन न मिलने से एक किसान द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है, जो इस व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती है।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि एग्रो पोर्टल के कारण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों, पूर्व सैनिकों, कोटवारों और वन अधिकार पट्टाधारक किसानों की शासकीय पत्तेदारी भूमि का पंजीयन तक नहीं हो पा रहा है, जिससे वर्षों से खेती कर रहे किसानों को अपनी उपज बेचने से वंचित होना पड़ रहा है। किसान कांग्रेस ने इसे संवेदनहीन शासन व्यवस्था का प्रतीक बताया।

आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए किसान कांग्रेस ने बताया कि कई खरीदी केंद्रों पर हमाली (लोडिंग–अनलोडिंग) के नाम पर किसानों से प्रति बोरी ₹5 से ₹10 तक अवैध वसूली कराई जा रही है, जबकि शासन द्वारा हमाली का भुगतान पहले से किया जाता है। इसके बावजूद किसानों से मनमानी वसूली की जा रही है, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है।

इसके अलावा, खरीद में अत्यधिक तौल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। किसान कांग्रेस के अनुसार, मानक तौल 40.700 किलोग्राम के बजाय कई केंद्रों पर प्रति बोरी 41.500 से 42 किलोग्राम तक धान लिया जा रहा है, यानी एक बोरी में 800 ग्राम से 1 किलो तक अतिरिक्त धान जबरन लिया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने इसे खुली लूट बताया और तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

किसान कांग्रेस की प्रमुख मांगें

किसान कांग्रेस ने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से सरकार से निम्न मांगें रखी हैं—
1. एग्रो पोर्टल को तत्काल प्रभाव से बंद कर धान खरीदी की पुरानी व सुव्यवस्थित पद्धति लागू की जाए।
2. किसानों को पहले की तरह तीन टोकन दिए जाएं और हमाली के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई की जाए।
3. 40.700 किलोग्राम मानक तौल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
4. पट्टाधारक, पूर्व सैनिक सहित वंचित किसानों के लिए सोसाइटी में वैकल्पिक या मैनुअल पंजीयन की व्यवस्था की जाए।
5. प्रतिदिन धान खरीदी की मात्रा बढ़ाई जाए ताकि किसानों को समय पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिल सके।

आंदोलन की चेतावनी

जिला अध्यक्ष रामप्रकाश यादव ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 20 दिसंबर 2025 तक किसानों के हितों के विरुद्ध हो रही गतिविधियों को नहीं रोका गया और मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो किसान कांग्रेस पूरे प्रदेश में लगातार धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करेगी। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

पार्टी पदाधिकारियों को भेजी प्रतिलिपि

इस ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के किसान कांग्रेस के पदाधिकारियों को भी भेजी गई है, जिनमें राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन प्रभारी शामिल हैं।

कुल मिलाकर, एग्रो पोर्टल और धान खरीदी केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर किसान कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, या फिर प्रदेश एक बड़े किसान आंदोलन की ओर बढ़ेगा।

वही मुंगेली जिला एडिशनल कलेक्टर निष्ठा पांडे को ज्ञापन सौंपते हुए उपस्थित रहे जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा, लोरमी जनपद सदस्य सभापति विद्यानंद चंद्राकर,राम प्रकाश यादव,इंद्रजीत कुर्रे,जीतराम खंडे सुरेंद्र कुमार बंजारे नागेंद्र पटेल जनपद सदस्य संतोष श्रीवास लखन कश्यप संजीत बनर्जी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे

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