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समाजवादी पार्टी का प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, 9 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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Samajwadi Party staged a strong protest against the administration, submitted a memorandum to the Collector regarding 9-point demands.

= कानून व्यवस्था, पंचायत भ्रष्टाचार और सोनल जैन आत्महत्या मामले की जांच की मांग, 15 दिन की चेतावनी

Ro.No - 13672/156

मुंगेली।- जिले में बिगड़ती कानून व्यवस्था, जिला व जनपद पंचायतों में कथित भ्रष्टाचार, मनमानी स्थानांतरण और उप अभियंता सोनल जैन आत्महत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी जिला इकाई ने सोमवार को जोरदार विरोध दर्ज कराया। जिलाध्यक्ष मिलऊ यादव (पूर्व विधानसभा प्रत्याशी) के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के नाम 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि जिले में कानून व्यवस्था बदहाल होती जा रही है, अपराध नियंत्रण के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि जिले में पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है, जिससे जनता का भरोसा लगातार टूट रहा है।

सोनल जैन आत्महत्या मामला – निष्पक्ष जांच की मांग

ज्ञापन में विशेष रूप से उप अभियंता सोनल जैन के आत्महत्या प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सुसाइड नोट सामने आने के बावजूद अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। समाजवादी पार्टी ने पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

पंचायतों में भ्रष्टाचार और “स्थानांतरण उद्योग” का आरोप

समाजवादी पार्टी ने जिला थिया जनपद पंचायतों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत संस्थानों में भ्रष्टाचार चरम पर है। पार्टी का कहना है कि पंचायतों में गलत तरीके से स्थानांतरण कर, फिर पदस्थापना रोककर कर्मचारियों से मनमाने कार्य कराए जा रहे हैं, जो पूरे पंचायती राज व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। स्थानांतरण प्रक्रिया में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है और यह संदेह के घेरे में है।
पार्टी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जिला पंचायत ने तानाशाही रवैया अपना लिया है और शासन के नियम-कायदों को दरकिनार कर निजी स्वार्थ सिद्ध किए जा रहे हैं, जिससे जनपद पंचायत “भ्रष्टाचार का गढ़” बनती जा रही है।

ग्राम पंचायतों के लिए अलग-अलग मद की राशि की मांग

समाजवादी पार्टी ने सभी ग्राम पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु अलग-अलग मद में बजट उपलब्ध कराने की मांग रखी है। पार्टी का कहना है कि सड़क, पानी, बिजली, नाली, सामुदायिक भवन जैसी सुविधाओं के लिए अलग बजट न होने से गांवों का विकास ठप पड़ा है। यदि शीघ्र राशि व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीण अंचलों में हालात और बदतर हो जाएंगे।

अफसरशाही पर तीखा हमला

पार्टी जिलाध्यक्ष मिलऊ यादव ने कहा कि जिले में अफसरशाही “सर से ऊपर” चढ़ गई है और शासन बौना दिखाई दे रहा है। अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यशैली में समन्वय का अभाव है, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है।

15 दिन का अल्टीमेटम

ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि 15 दिवस के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी को धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

प्रमुख मांगें संक्षेप में:
1. जिले की बदहाल कानून व्यवस्था में तुरंत सुधार।
2. उप अभियंता सोनल जैन आत्महत्या मामले की निष्पक्ष जांच व कार्रवाई।
3. जनपद व जिला पंचायत में दिए गए आवेदनों की जांच और कार्रवाई।
4. पंचायतों में गलत स्थानांतरण पर रोक और दोषियों पर कार्रवाई।
5. स्थानांतरण होकर रोकने की प्रक्रिया की जांच।
6. ग्राम पंचायतों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अलग-अलग मद का बजट।
7. वर्षों से जमे भ्रष्ट अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्रवाई।
8. अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली सुधारने के निर्देश।
9. पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के ठोस कदम।

ज्ञापन सौंपते समय पार्टी पदाधिकारी लतेलराम राजू वर्मा, मिथुन यादव, नंदन गोरेलाल यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी के इस आंदोलनात्मक तेवर के बाद अब निगाहें प्रशासन की प्रतिक्रिया और कार्रवाई पर टिकी हैं।

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