At the Chhiripara Anganwadi center building, children were given two drops of polio vaccine as part of the National Pulse Polio campaign.
ग्राम चिहरीपारा में आयोजित पोलियो अभियान में बच्चों की रही उत्साहपूर्ण भागीदारी
सरोना।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत कांकेर जिले के सरोना तहसील अंतर्गत ग्राम चिहरीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना रहा। निर्धारित तिथि पर सुबह से ही आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों एवं उनके अभिभावकों की उपस्थिति शुरू हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से यह अभियान व्यवस्थित रूप से संचालित किया गया।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अभियान से पूर्व गांव में भ्रमण कर अभिभावकों को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए जागरूक किया और आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने का आग्रह किया। केंद्र में बच्चों को क्रमवार दो बूंद पोलियो की खुराक पिलाई गई तथा उनकी जानकारी पंजी में दर्ज की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र बच्चा अभियान से वंचित न रह जाए।
पोलियो खुराक पिलाने के दौरान अभिभावकों को पोलियो रोग के प्रति जागरूक भी किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन ने बताया कि पोलियो एक गंभीर और लाइलाज बीमारी है, जिससे बचाव केवल नियमित टीकाकरण और पोलियो ड्रॉप्स से ही संभव है। समय पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने से उन्हें आजीवन सुरक्षा मिलती है और समाज को भी इस बीमारी से मुक्त रखा जा सकता है।
इस अवसर पर गांव के कई ग्रामीण भी उपस्थित रहे और उन्होंने अभियान में सक्रिय सहयोग किया। ग्रामीणों ने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र लाकर पोलियो की दवा पिलवाई तथा अन्य परिवारों को भी इसके लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य अभियान गांव के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और इसमें सभी को जिम्मेदारी के साथ भाग लेना चाहिए।
आंगनबाड़ी केंद्र में यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्वच्छता एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि पोलियो मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक अभिभावक जागरूक होकर अपने बच्चों को समय पर पोलियो की दवा पिलाए और ऐसे जनस्वास्थ्य अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाए।



