A new security and public amenities camp has been established in Naxal-affected Dodimarka.
दुर्गम क्षेत्र में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, विकास को मिलेगी नई रफ्तार
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा एवं विकास को गति देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए थाना फरसेगढ़ क्षेत्रान्तर्गत ग्राम डोडीमरका में दिनांक 26 दिसंबर 2025 को नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की सफल स्थापना की गई। इस कैम्प की स्थापना डीआरजी, जिला बल एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 7वीं वाहिनी ‘बी’ समवाय की संयुक्त टीमों द्वारा की गई। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों एवं कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस और उच्च मनोबल का परिचय देते हुए इस अभियान को सफल बनाया।
यह कैम्प भोपालपटनम्–फरसेगढ़–सेण्ड्रा होते हुए गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) से अंतर्राज्यीय संपर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कड़ी साबित होगा। इससे नेशनल पार्क क्षेत्र के सुदूर ग्रामों तक सड़क, संचार एवं प्रशासनिक पहुंच सशक्त होगी।
नवीन कैम्प की स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस, मोबाइल नेटवर्क, सड़क एवं पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी। गौरतलब है कि वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 29 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। इन अभियानों के परिणामस्वरूप 923 माओवादियों ने आत्मसमर्पण, 221 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए तथा 1100 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह अभियान पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना, उप पुलिस अधीक्षकगण एवं फरसेगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी की उपस्थिति रही। छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना के अंतर्गत क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, मोबाइल टावर, आंगनबाड़ी सहित अन्य जन-सुविधाओं का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। कैम्प की स्थापना से क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह, विश्वास एवं सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।



