Home Blog किसान विकसित भारत विजन की परिकल्पना की ओर हो रहे अग्रसर

किसान विकसित भारत विजन की परिकल्पना की ओर हो रहे अग्रसर

0

Farmers are moving towards realizing the vision of a developed India.

प्रदेश के किसान आधुनिक कृषि यंत्रों से हो रहे हैं समृद्ध : बीज निगम द्वारा किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराये जा रहे आधुनिक कृषि यंत्र

Ro.No - 13672/156

इस वित्तीय वर्ष में अब तक 882 किसानों को मिला आधुनिक कृषि यंत्र

रायपुर / प्रदेश के किसान खेती-किसानी में आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग कर आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे हैं। वहीं विकसित भारत विजन की परिकल्पना की ओर अग्रसर हो रहे हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा किसानों को अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसका बड़ी संख्या में किसान लाभ ले रहे हैं। किसान सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर खेती किसानी के उन्नत एवं आधुनिक तौर तरीके अपना रहे हैं, जिससे किसानों को पारंपरागत किसानी से अधिक फायदा हो रहा है।

शासकीय अनुदान पर आधुनिक एवं उन्नत कृषि यंत्र किसानों को

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन द्वारा कृषि के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित हैं जिनसे किसान लगातार लाभान्वित हो रहे हैं, चाहे वो उन्नत बीज हो या अन्य विभागीय योजनाएं। इसी क्रम में बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा किसानों के हित में शासकीय अनुदान पर आधुनिक एवं उन्नत किस्म में विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों को किसानों को उपलब्ध कराया जाता है l खेती किसानी के विभिन्न चरणों जुताई, बुआई, रोपाई, फसल कटाई जैसे सभी चरणों के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र किसान के द्वारा चयन आधार पर उपलब्ध कराया जाता है, इससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। बीज निगम द्वारा किसानों को शक्ति चलित कृषि यंत्र जैसे – रोटावेटर, स्व चलित रीपर, पैडी ट्रांसप्लांटर, लेज़र लैंड लेवलर, पावर वीडर, मल्चर, थ्रेशर, सीड ड्रिल, सहित अन्य आधुनिक कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई

इन कृषि यंत्रों के उपयोग से किसानों को समय की बचत के साथ-साथ श्रम लागत में भी कमी हो रही है। किसानों का कहना है कि आधुनिक यंत्रों के प्रयोग से खेती का कार्य कम समय में और अधिक सटीक तरीके से हो पा रहा है, जिससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है। परिणाम स्वरूप बाजार में उन्हें उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।

882 किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्रों से किया गया लाभान्वित

बता दें कि बीज निगम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। निगम द्वारा किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराने की योजना क्रियान्वित है। जिससे कृषि क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
वर्ष 2025-26 में अभी तक 882 किसान को अनुदान पर कृषि यंत्रों से लाभान्वित हो चुके हैं।

स्व-चलित रीपर से कटाई हुई आसान

बिलासपुर जिले के किसान नारायण दल्लू पटेल ने बीज निगम के माध्यम से अनुदान पर स्व-चलित रीपर प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि पहले एक एकड़ फसल की कटाई में 10-12 मजदूर और पूरा दिन लगता था, जबकि अब वही कार्य 2-3 घंटे में पूरा हो जाता है। इससे कटाई लागत में 50-60 प्रतिशत तक कमी आई है और समय पर कटाई संभव हो सकी है।

रोटावेटर से खेत की तैयारी हुई तेज

रायपुर जिले के किसान हीरालाल साहू ने बताया कि रोटावेटर के उपयोग से खेत की जुताई एक ही बार में हो जाती है। पहले जहाँ खेत तैयार करने में 3-4 दिन लगते थे, अब कुछ घंटों में कार्य पूर्ण हो जाता है। इससे फसल उत्पादन में 20-25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।

सीड ड्रिल से बीज की बचत और बेहतर उत्पादन

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के किसान लेखूराम छेदईया ने अनुदान पर सीड ड्रिल मशीन क्रय किए है। उन्होंने बताया कि इस मशीन का प्रयोग बोआई में करने पर बीज की 15-25 प्रतिशत तक बचत होती है। समान दूरी और गहराई पर बोआई से अंकुरण बेहतर हुआ है और उत्पादन में 20-30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here