Emphasis was placed on giving Dhokra craft international recognition, and information was provided on online marketing.
हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने शिल्पियों से किया संवाद
रायगढ़ / त्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत जिले के प्रवास पर रहीं। इस दौरान उन्होंने जिले के पारंपरिक हस्तशिल्पियों से रूबरू होकर उनके कार्य, समस्याओं एवं हस्तशिल्प से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। अध्यक्ष श्रीमती राजपूत ने विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), भारत सरकार, वस्त्र मंत्रालय, नई दिल्ली के वित्तीय सहयोग से छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड रायगढ़ द्वारा आयोजित डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट वर्कशॉप बेलमेटल क्राफ्ट का निरीक्षण किया तथा शिल्पियों से भेंट-मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की।
कार्यशाला के दौरान डिजाइनर श्री दीपक झोरका द्वारा शिल्पियों को नए-नए डिजाइनों का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त शिल्पकार ढोकरा शिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिला सकते हैं। साथ ही एकताल क्षेत्र के शिल्पियों की कलाकृतियों की अन्य राज्यों की तुलना में अधिक स्वीकार्यता, बेलमेटल शिल्प की गुणवत्ता में सुधार, उपयोगी वस्तुओं के निर्माण, ऑनलाइन मार्केटिंग एवं आकर्षक पैकेजिंग की जानकारी भी प्रदान की गई।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड रायगढ़ के कर्मचारियों द्वारा राज्य स्तरीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्रतियोगिता में सहभागिता एवं विकास केंद्र रायगढ़ में कलाकृतियां जमा करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में बोर्ड के सहयोगी कर्मचारी श्री कालिया कान्हू सिदार, तकनीकी सहायक श्री जय सिंह सिदार, पंच श्री प्रदीप झारा, एकताल के उपसरपंच श्री सुन्दर झारा सहित 30 प्रशिक्षणार्थी एवं ग्राम एकताल के बड़ी संख्या में शिल्पी परिवार उपस्थित रहे।



