

पंडित राधेश्याम शास्त्री ने मां भगवती के विभिन्न रूपों और जीवन मूल्यों पर व्याख्यान दिया”
पुटपुरा में नौ दिवसीय श्री देवी भागवत कथा का समापन आज
हवन, पूर्णाहूति और कन्या भोज के साथ कथा का होगा भव्य समापन
जांजगीर-चांपा।
ग्राम पुटपुरा में राठौर परिवार के आयोजन में 19 जनवरी से चल रही नौ दिवसीय श्रीमद देवी भागवत कथा आज 28 जनवरी को भव्य हवन, पूर्णाहूति और कन्या भोज के साथ समापन को पहुंची। अंतिम दिन श्रद्धालुओं को हवन और कन्या भोज में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
कथा वाचक पंडित राधेश्याम शास्त्री ने गणपति, शिव-पार्वती, विष्णु और ब्रह्मा की स्तुति के उपरांत देवी भागवत महापुराण का गहन व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने मां भगवती के विभिन्न रूपों, जीवन मूल्यों, संयम, सदाचार और क्षमा के महत्व पर बल दिया और श्रोताओं को धर्म और नैतिकता का पालन करने का संकल्प दिलाया।
पंडित शास्त्री ने कहा कि देवी के अवतार सुर और असुर के बीच सामाजिक अराजकता को समाप्त करने और व्यवस्था स्थापित करने के लिए हुए। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में सुख और संतुलन पाने के लिए धार्मिक प्रवृत्ति और नैतिक मूल्यों को अपनाना आवश्यक है।
कथा के दौरान महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और सामूहिक आरती के दौरान पूरा पंडाल श्रद्धा और भक्ति के नाद से गूंज उठा।
दैनिक पूजन चंद्र प्रकाश पांडे और राहुल दुबे के द्वारा कराया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में राठौर परिवार के सदस्य श्मालिकराम, पुष्पा बाई, गायत्री देवी, मोहरसाय, श्मनोहरलाल, शारदा देवी, श्दीलहरण, श्राधिका देवी, श्माधुरी, श्रीकांत राठौर, प्रेमशंकर, श्रीमती सरिता राठौर, सितेश राठौर, अमित राठौर, उमेश राठौर, आशीष राठौर, रमेश राठौर, संदीप राठौर, मयंक राठौर, साक्षी राठौर एवं राशि राठौर सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।



