Kanker’s daughter, Pratha Ramteke, soars to new heights: She has brought pride to the district by winning two gold medals in Performing Arts (Vocal/Singing).
खैरागढ़ / कांकेर।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की रहने वाली प्रथा रामटेके, पिता स्व. सुनील कुमार रामटेके एवं माता रजनी रामटेके की सुपुत्री, ने सत्र 2023–24 में परफॉर्मिंग आर्ट्स (वोकल/गायन) में स्नातक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए उन्हें दो प्रतिष्ठित स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।
प्रथा रामटेके को यह सम्मान स्वर्गीय ठाकुर जयदेव सिंह स्वर्ण पदक एवं मामासाहेब माजुमदार अमृत महोत्सव स्वर्ण पदक के रूप में प्रदान किया गया। यह सम्मान इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में 28 जनवरी 2026 को आयोजित दीक्षांत समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा प्रदान किया गया | इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष श्री अनुज शर्मा एवं विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति भी मौजूद थीं।
इस अवसर पर प्रथा रामटेके ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुओं—डॉ. नमन दत्त गुरुजी, डॉ. लिकेश्वर वर्मा गुरुजी एवं सुगम शिवाले भैया—को देते हुए कहा कि उनके निरंतर मार्गदर्शन, अनुशासन और विश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि उनके गुरुओं ने न केवल उनकी कला को निखारा, बल्कि जीवन मूल्यों और आत्मविश्वास का भी विकास किया।
प्रथा ने अपनी माता रजनी रामटेके के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि माता-पिता के त्याग, प्रार्थनाओं और अटूट समर्थन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। उन्होंने भावुक शब्दों में अपने दिवंगत पिता सुनील कुमार रामटेके को स्मरण करते हुए कहा कि आज की यह सफलता उनके आशीर्वाद का ही परिणाम है।
प्रथा रामटेके को बचपन से ही संगीत में गहरी रुचि रही है और उन्होंने अपना अधिकांश समय संगीत साधना को समर्पित किया है। उनका मानना है कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि साधना का विषय है, जिसके लिए एक जन्म भी पर्याप्त नहीं होता। उनकी यह निरंतर कोशिश रहेगी कि आने वाले समय में वे और अधिक संगीत सीखें तथा समाज के लोगों को संगीत के महत्व, संभावनाओं एवं इसके करियर स्कोप के बारे में जागरूक करें।
उल्लेखनीय है कि प्रथा रामटेके ने वर्ष 2024 – 2025 में AIU (Association of Indian Universities) द्वारा आयोजित यूथ फेस्टिवल में सहभागिता की थी, जहाँ उन्होंने बेंगलुरु तथा नोएडा-दिल्ली में आयोजित जोनल एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं सुगम संगीत (ग़ज़ल)में स्वर्ण पदक प्राप्त कर प्रदेश एवं जिले का नाम रोशन किया। उनकी यह उपलब्धि पूरे कांकेर जिले एवं हम सभी के लिए गर्व का विषय है।



