An effective budget for the overall development of tribal society and Bastar.
आज केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने वाला समावेशी बजट है, जिसमें आर्थिक मजबूती के साथ-साथ जनजातीय, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बजट में पूंजीगत व्यय को उच्च स्तर पर रखते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों को सुदृढ़ करने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है, जिसका सीधा और स्थायी लाभ बस्तर जैसे आदिवासी बहुल अंचलों को मिलेगा।
जनजातीय मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री ईश्वर कावड़े ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट जनजातीय समाज के आत्मसम्मान, अधिकार और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, छात्रावास सुविधाओं और डिजिटल शिक्षा के विस्तार से बस्तर के आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होगी, जिससे शैक्षणिक पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।
श्री कावड़े ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से आदिवासी अंचलों में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, मातृ-शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी। इससे बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच बेहतर होगी।
उन्होंने आगे कहा कि वन-आधारित आजीविका, लघु वनोपज, कृषि और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने से बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवा वर्ग को अपने ही क्षेत्र में काम करने के अवसर मिलेंगे और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
अंत में श्री ईश्वर कावड़े ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट आदिवासी समाज के लिए सम्मान, अवसर और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट बस्तर सहित समस्त जनजातीय अंचलों में विश्वास, शांति और स्थायी प्रगति की मजबूत नींव रखेगा।



