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दृष्टि बाधित दिव्यांग व्यक्ति रवि ठाकुर को प्राइमरी एवं अपर प्राइमरी शिक्षक पात्रता परीक्षा से वंचित किया गया

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Ravi Thakur, a visually impaired person with a disability, was denied the opportunity to appear for the Primary and Upper Primary Teacher Eligibility Test.

होनहार रवि ठाकुर परीक्षा देने भटकते रहा

Ro.No - 13672/156

प्रमोद अवस्थी मस्तूरी

मस्तूरी।व्यापम द्वारा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा ‘टेट’ मैं स्पष्ट दिशा निर्देश न होने के कारण दृष्टिबाधित दिव्यांग व्यक्ति रवि सिंह ठाकुर को प्राइमरी स्तर की परीक्षा से वंचित किया गया–
विषयांतर्गत उल्लेख है कि दिनांक 1 फरवरी 2026 को संपूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा टेट का आयोजन किया गया परीक्षा हेतु देवरी खुर्द निवासी दृष्टिबाधित दिव्यांग व्यक्ति रवि सिंह ठाकुर ने प्राइमरी एवं अपर प्राइमरी; दोनों स्तर की परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। उल्लेखनीय है कि रवि सिंह ठाकुर पहले से ही छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक एल,बी। के पद पर कार्यरत हैं। टेट के प्राइमरी परीक्षा के लिए संबंधित व्यक्ति ने दृष्टिबाधित होने के कारण सह लेखक, जिन्होंने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण की है, उनको अपने साथ लेकर परीक्षा केंद्र महारानी लक्ष्मीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गए थे। परंतु उन्हें यह कहकर प्राइमरी स्तर की परीक्षा से वंचित कर दिया गया कि आपको कक्षा 10वीं उत्तीर्ण व्यक्ति को ही अपनी परीक्षा में सह लेखक बनाने की अनुमति है, जबकि संबंधित परीक्षा के प्रवेश पत्र की दिशा निर्देश में ऐसा कोई भी उल्लेख नहीं किया गया है। परीक्षा की केवल यही शर्त थी कि उम्मीदवार के क्वालिफिकेशन से एक क्लास लोअर व्यक्ति ही उसका सह लेखक बन सकता है। इस दिशा निर्देश का पालन करते हुए संबंधित व्यक्ति रवि सिंह ठाकुर ने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण किए हुए व्यक्ति को अपना सह लेखक बनाया था, परंतु ऐसे नियमों का हवाला देकर, जिसका की संबंधित परीक्षा के प्रवेश पत्र में कोई भी उल्लेख नहीं है, संबंधित परीक्षा केंद्र के केंद्र अध्यक्ष एवं अन्य सहकर्मियों द्वारा परीक्षार्थी को परीक्षा से वंचित कर दिया गया।

तत्पश्चात दूसरी पाली में अपर प्राइमरी स्तर की परीक्षा देने से भी परीक्षार्थी को इसी विद्यालय अर्थात महारानी लक्ष्मीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में यह कह कर रोक दिया गया कि आपका सह लेखक व्यापम में दी गई विज्ञप्ति के नियमों को पूरा नहीं करता जबकि ऐसी कोई शर्त नहीं थी

उक्त तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि उक्त विद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति अत्यंत संवेदनहीनता का परिचय देते हैं जबकि शहर के अन्य परीक्षा केदो में इस तरह की शिकायतें नहीं मिली है संबंधित परीक्षार्थी के अन्य मित्रों को भी उनके परीक्षा केंद्र में सफलतापूर्वक परीक्षा देने का अवसर प्राप्त हुआ है यह उनके उज्जवल भविष्य के साथ खिलवाड़ को दर्शाता है। रवि सिंह एक होनहार व्यक्ति है उसमें क्षमता है कि वह परीक्षा को उत्तीर्ण कर लेता लेकिन उसे रोका गया।

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