Home Blog मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह में अव्यवस्थाओं पर जिला पंचायत अध्यक्ष सख्त, मंच...

मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह में अव्यवस्थाओं पर जिला पंचायत अध्यक्ष सख्त, मंच से अधिकारियों को लगाई फटकार

0

कुछ नव दंपतियों को सिंदूर क्यों नहीं मिला – जानकी कोरसा

बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला -बीजापुर के मिनी स्टेडियम में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह कार्यक्रम उस समय सुर्खियों में आ गया, जब कार्यक्रम के अंतिम चरण में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने मंच से ही व्यवस्थाओं पर नाराज़गी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और गंभीर आरोप लगाए।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने नवविवाहित जोड़ों को बधाई देते हुए उन्हें वैवाहिक जीवन के मूल्यों की सीख दी। उन्होंने कहा कि विवाह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवनभर की जिम्मेदारी है। पति-पत्नी को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, बड़ों का आदर और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। किसी भी प्रकार से महिला को प्रताड़ित करने पर कानून सख्त कार्रवाई करेगा और दोषियों को जेल तक जाना पड़ सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि हर वर्ग और हर धर्म के लोग समान अधिकार, सुविधा और सम्मान के साथ जीवन जिएं। इसी उद्देश्य से जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों और रीति-रिवाजों के जोड़े पारंपरिक रूप से विवाह बंधन में बंधे।
इसी दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने मंच से व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगह विवाह की मूल रस्में भी पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि किसी जोड़े को सिंदूर तक नहीं मिला, वहीं कई परिवारों को यह तक जानकारी नहीं थी कि विवाह की प्रक्रिया में क्या हो रहा है। उन्होंने कहा कि पीछे बैठे लोगों और परिजनों को मंच से दिए जा रहे निर्देशों की कोई जानकारी नहीं दी जा रही थी, जिससे अव्यवस्था और भ्रम की स्थिति बनी रही।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि कई जोड़ों का विवाह विधिवत और पूर्ण तरीके से संपन्न नहीं हुआ और कुछ स्थानों पर नवदम्पत्तियों को दी जाने वाली सामग्री भी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें स्वयं मौके पर जाकर हस्तक्षेप करना पड़ा, तब जाकर कई विवाह संपन्न हो सके।
जानकी कोरसा ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“मैं खुद जाकर कई जगह बताने के बाद ही विवाह संपन्न करवा पाई हूं। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री की मंशा है कि सभी को समान अधिकार और सुविधा मिले, तो व्यवस्थाओं में भी उसी स्तर की गंभीरता दिखनी चाहिए। जो गलत है, वह गलत है और उसे सुधारा जाना चाहिए।”
मंच पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की और व्यवस्थाओं में आई कमियों को स्वीकार करते हुए आगे सुधार का भरोसा दिलाया।
वहीं पूरे मामले पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी कांता प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कार्यक्रम में व्यवस्थाएं मौजूद थीं और किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से थोड़ी देर जरूर हुई, लेकिन मौके पर ही उसे सुधार लिया गया। इस विषय पर उन्होंने आगे किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया।
इस अवसर पर मंच पर नगर पालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी, जिला पंचायत सदस्य मेथ्यूस कुजूर, जनपद अध्यक्ष उसूर-आवापल्ली राधिका तेलम सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम जहां एक ओर सरकार की सामाजिक और कल्याणकारी सोच को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों ने प्रशासनिक तैयारियों और जमीनी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Ro.No - 13672/156

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here