नरहरपुर। कांकेर जिले के नरहरपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम जामगांव में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उस समय कौतूहल और श्रद्धा का माहौल बन गया, जब गांव की बस्ती में अचानक एक विशालकाय नाग सांप निकल आया। त्योहार का दिन होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों ने इसे भगवान शिव का चमत्कार और नाग देवता का शुभ आगमन मानकर तत्काल उसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
सांप के निकलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। लोगों ने श्रद्धापूर्वक अगरबत्ती जलाकर और फूल चढ़ाकर नाग देवता की पूजा की। हालांकि, सांप के जहरीले होने की आशंका और भीड़ के कारण किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए जागरूक ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मुस्तैदी के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि जहरीला नाग सांप भीड़ के बीच होने के कारण तनाव में था। वन कर्मियों ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए भीड़ को दूर किया और सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद नाग को आबादी से दूर घने सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक परिवेश में सुरक्षित रह सके।
रेस्क्यू ऑपरेशन के पश्चात वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्देश दिए
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह एक अत्यधिक जहरीला सांप था। इसकी एक फुफकार या दंश जानलेवा साबित हो सकता था।
अधिकारियों ने समझाया कि धार्मिक आस्था अपनी जगह है, लेकिन वन्यजीवों को छेड़ना या उनके बहुत करीब जाकर पूजा करना खतरनाक हो सकता है। वन्यजीव डरे होने पर हमला कर सकते हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि भविष्य में ऐसी स्थिति बनने पर स्वयं रेस्क्यू करने या भीड़ लगाने के बजाय तुरंत वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर या स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें।
वन विभाग की इस त्वरित और सफल कार्रवाई की जामगांव के ग्रामीणों ने सराहना की है।



