Historic budget in the interest of farmers: 23 thousand crore rupees will strengthen agriculture, Chhattisgarh will become an agricultural power – Ranjit Singh
प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी।छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 में किसानों के लिए किए गए बड़े प्रावधानों का स्वागत करते हुए, अध्यक्ष भाजपा मंडल मल्हार रंजीत सिंह ने इसे किसान हित में ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता खेती-किसानी और गांव का विकास है।
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए लगभग 23 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान कर सरकार ने खेती को नई ऊर्जा देने का काम किया है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये, कृषि पंप और सिंचाई विस्तार के लिए 5,500 करोड़ रुपये, ब्याज-मुक्त ऋण योजना के लिए 300 करोड़ रुपये तथा मार्कफेड को 6,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किसानों को आर्थिक मजबूती देगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये और भूमिहीन कृषि श्रमिक परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपये 15 करोड़ रुपए बालिकाओं के लिए व्यवस्था सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह बजट केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की लागत कम करने और उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर भी केंद्रित है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेतों तक पानी पहुंचेगा, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी। वहीं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलने से भूमि की उर्वरता और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहेंगे।
अध्यक्ष सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उसकी नीतियों का केंद्र किसान और गांव हैं। यह बजट किसानों के स्वर्णिम काल की शुरुआत है और छत्तीसगढ़ को कृषि शक्ति बनाने की दिशा में मजबूत कदम है।
अंत मे रंजीत सिंह ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट राज्य के किसानों को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगा!



