बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – जिले के उसूर आवापल्ली ब्लाक अंतर्गत आने वाली चिंताकोटा इलमिडी रोड की कन्या रेसींडेंसियल में पिछले देर रात 1:30 बजे के आसपास शॉर्ट सर्किट के वजह से आग लगी आग की लपटे इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरा पोटाकेबिन जलकर हुआ खाक हुआ। जिस वक्त शॉर्ट सर्किट हुआ बच्चे उक्त पोटा केबिन में सो रहे थे जैसे तैसे स्टाफ वा स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों का किया गया रेस्क्यू पर एक बच्ची लापता चल रही थी सुबह दुखद जानकारी निकल कर आया सामने कि उक्त बच्ची की मौत हो गई बच्ची तीन से चार साल की अबोध बताई जा रही थी। यह छोटी बच्ची यहां पढ़ाई नहीं करती है पर अपने परिवार के किसी सदस्य से मिलने आई उनके साथ रुकी। घटना की जानकारी मिलते स्थानीय अधिकारियों के साथ जिले के उच्च अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, विजेन्द्र राठौर राजीव गांधी समन्वयक राजीव गांधी शिक्षा मिशन, अन्य मौके पर पहुंचे वही पुलिस भी घटना स्थल मौजूद घटना की चल रही है जांच। सुबह से ही क्षेत्र के लोगों की बड़ी संख्या में जमावड़ा देखने को मिल रहा है। इस वर्ष का पहला शॉर्ट सर्किट की इतनी बड़ी घटना जिसमें एक बच्ची की भी मौत हो चुकी है । जानकारी के मुताबिक 300 से ज्यादा बच्चियां यहां पर रहकर शिक्षा प्राप्त करती हैं।
जिस बच्ची की आज आग में जलने से मौत हुई उनके पिता आयतु उईका ने बताया कि 5 दिन पहले उनकी बेटी लिप्सा यहां आई थी वही उनको स्कूल में रखने का आदत बनाया जा रहा था। वहा बच्ची अपनी बुआ के साथ रह रही थी बच्ची की पिछली रात दर्दनाक मौत हो गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी
बीआर बघेल ने उक्त मामले में कहा कि घटना की जानकारी मुझे बीआरसी आवापाल्ली के माध्यम से 2:00 बजे दिया गया की शार्ट सर्किट होने से आग लगी या पढ़ने वाले 305 बच्चों को कर्मचारियों के माध्यम से रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। वही एक बच्ची को निकाल नही पाए आग की लपटें इतनी तेज होने की वजह से उनकी मौत हुई है जो पारिवारिक सदस्य के साथ रह रही थी।
आदिवासी आयुक्त आदिवासी बीजापुर
के एस मसराम ने कहा कि उक्त घटना शॉर्ट सर्किट होने से हुई है अनुदेशक व जिम्मेदार कर्मचारियों के वजह से बच्चों को रेस्क्यू किया गया पर एक बच्ची की जिनकी मौत हुई उन्हें निकाल नहीं पाए । जानकारी मिल रहा है कि बच्ची अपने पारिवारिक सदस्य के साथ रह रही थी जो यहां की छात्रा नहीं है।
छात्रों ने कहां कि देर रात लगी आग को बुझाने की कोशिश किया गया पर बुझा नहीं पाये। सभी बच्चे निकले पर एक लड़की को नहीं निकाल पाए जो सोई हुई थी वा अपनी बुआ के साथ रह रही थी।



